पाक ​साफ साबित किए गए ब्रिटेन के चांसलर ऋषि सुनक, मसला क्या है?

खुद पर जांच करने के आमंत्रित करने वाले भारतीय मूल के ऋषि सुनक को उनकी पत्नी के टैक्स से जुड़े मामलों में भी पाक साफ ठहरा दिया गया है और उनके अमेरिका रेजिडेंट कार्ड को भी वापस कर दिया गया।

पाक ​साफ साबित किए गए ब्रिटेन के चांसलर ऋषि सुनक, मसला क्या है?

अपनी पत्नी के नॉन-डोम स्टेट्स के विवाद के फंसे चांसलर ऋषि सुनक को ब्रिटेन के एक स्वतंत्र सलाहकार की ओर से आरोप मुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही सुनक के मंत्री पद पर रहते अमेरिका के स्थायी निवासी ग्रीन कार्ड को रखने के मामले में भी आरोप मुक्त कर दिया है। बता दें कि सुनक ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के निजी सलाहकार क्रिस्टोफर गीड्ट को संभावित आचरण उल्लंघनों का निरीक्षण करने के लिए खुद कहा था।

सुनक के ग्रीन कार्ड को लेकर भी विवाद होने लगा था जिसे वह अमेरिका के टैक्स रिटर्न दाखिल करने की इस्तेमाल करते हैं।

दरअसल सुनक की पत्नी और भारतीय मूल की अक्षता मूर्ति पर आरोप लगने लगे थे कि उन्होंने विदेशी आय पर ब्रिटेन के करों का भुगतान नहीं किया। इसके अलावा सुनक पर भी आरोप था कि उन्होंने ब्रिटेन के मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने के दो साल बाद तक उन्होंने ग्रीन कार्ड रखा।

हालांकि यह पता चला है कि सुनक ने पिछले साल राजकोष के चांसलर नियुक्त होने के बाद अपना कार्ड छोड़ दिया था। गीड्ट ने कहा कि सुनक ने अपने दायित्वों को पूरा करने और इस जांच में संलग्न होने में ईमानदारी बरती है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के निजी सलाहकार ने हरी झंडी पर टिप्पणी करने के लिए लिंक्डइन का सहारा लिया। उन्होंने लिखा कि सुनक ने मंत्रिस्तरीय संहिता को नहीं तोड़ा है। साथ ही उनकी पत्नी नॉन-डोम स्टेट्स का दावा करने की हकदार नहीं थीं जैसा कि मैंने अपने पिछले पोस्ट में विस्तार से बताया है।

41 वर्षीय चांसलर ऋषि सुनक के साथ विवाद कम नहीं हैं। सुनक पर ब्रिटेन की पुलिस ने जॉनसन और कुछ 50 अन्य लोगों के साथ साल 2020 में प्रधानमंत्री कार्यालय में एक पार्टी में भाग लेने के लिए जुर्माना लगाया गया था। दरअसल उस वक्त सुनक समेत 50 अन्यों ने महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन नियमों को तोड़ा था।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि अक्षता मूर्ति की भारतीय आईटी कंपनी इंफोसिस में हिस्सेदारी है। मूर्ति को इससे साल 2015 से अभी तक 50 मिलियन पाउंड (500 करोड़ रुपये) से अधिक हासिल हुआ है।