गणतंत्र दिवस: मित्र राष्ट्रों के सैनिकों ने भी बिखेरा है राजपथ पर जलवा

भारतीय वायु सेना को राफेल एयरक्राफ्ट देने वाला फ्रांस वह देश बना, जिसके लिए भारत ने अपनी परंपरागत परेड में संशोधन करते हुए राजपथ का दरवाजा खोला। यह वर्ष 2016 था जब तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भी सलामी मंच पर मौजूद थे। फ्रांस टुकड़ी का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल पॉल बरी कर रहे थे।

गणतंत्र दिवस: मित्र राष्ट्रों के सैनिकों ने भी बिखेरा है राजपथ पर जलवा

गणतंत्र दिवस का इंतजार हम सभी भारतीय खास तौर पर राजपथ पर निकलने वाली परेड के लिए करते हैं, जब भारत के शूरवीर सैनिकों का दस्ता वहां से गुजरता है। इंडिया गेट लॉन से यह परेड देख रहे लोग एक बेहतरीन अनुभव लेकर घर जाते हैं । परेड में तीनों सेनाओं के दस्ते के अलावा इंडियन कोस्ट गार्ड, एनएसजी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और राज्य पुलिस की टीम शामिल होती है जिनका मार्च हमें गर्व से भर देता है।

26 जनवरी की परेड यूं तो भारत की सुरक्षा में जुटे शूरवीरों के पराक्रम का प्रदर्शन मानी जाती है।लेकिन पिछले कुछ सालों से विदेशी सैनिक  भी राजपथ से लेकर लाल किले तक जाने वाली परेड का हिस्सा बन रहे हैं। भारत के कूटनीतिक और सैन्य संबंध मित्र देशों के साथ और मजबूत हुए हैं, तभी गणतंत्र दिवस के मौके पर वहां के सैनिकों को भी शक्ति प्रदर्शन का मौका दिया जा रहा है। अब तक फ्रांस, बांग्लादेश और यूएई के सैनिक अपना जलवा बिखेर चुके हैं।