डायस्पोरा की मदद करेगा व उनको एकजुट भी करेगा REDIO: ज्ञानेश्वर मुले

REDIO का उद्देश्य हर देश में संकटग्रस्त भारतीयों के लिए एक सहायता समूह बनाना है जो सभी को पता हो और स्वैच्छिक आधार पर लोगों की मदद कर रहा हो। 20 से अधिक देशों में मौजूदा ढांचे के तहत इस पहल के लिए भारी प्रतिक्रिया मिल रही है।

डायस्पोरा की मदद करेगा व उनको एकजुट भी करेगा REDIO: ज्ञानेश्वर मुले

विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने बहुत कुछ हासिल किया है लेकिन कई मसलों पर भारतीयों को कानूनी समस्याओं से लेकर आव्रजन और रोजगार से लेकर शोषण तक का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विदेशों में रह रहे संकटग्रस्त नागरिकों की मदद करने के लिए भारतीय डायस्पोरा को एकजुट करने की एक पहल की गई है। पूर्व भारतीय राजनयिक डॉ. ज्ञानेश्वर मुले ने रेस्क्यूइंग एव्री डिस्ट्रेस्ड इंडियन ओवरसीज (REDIO) की शुरूआत की है, जिसमें न्यूयॉर्क स्थित सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम भंडारी अध्यक्ष के रूप में काम करेंगे।

मुले मानवाधिकार आयोग (NHRC ) के सदस्य हैं। वह REDIO के संस्थापक और मुख्य संरक्षक भी हैं। प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर REDIO की शुरुआत की गई है। प्रेम भंडारी ने बताया कि उम्मीद है कि जल्द ही REDIO दुनिया के किसी भी हिस्से में संकटग्रस्त भारतीयों की मदद करेगा। लेकिन दीर्घकालिक लक्ष्य उन सभी भारतीयों के बीच तालमेल बनाना है जो विश्व स्तर पर फैले हुए हैं ताकि वे जहां कहीं भी हों उन्हें सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक ताकत हासिल हो सकें। जैसा कि भारतीय विदेशों में बहुत अच्छा कर रहे हैं फिर भी उन्हें विभिन्न मुद्दों का सामना करना पड़ता है, जिसमें भेदभाव से लेकर दुर्व्यवहार तक शामिल हैं। नाटकीय रूप से इस स्थिति में बदलाव किया जा सकता है अगर 30 मिलियन यानी 3 करोड़ से अधिक प्रवासी भारतीय एक साथ मिलकर एक-दूसरे की मदद करने का निर्णय लेते हैं।