150 संकटग्रस्त भारतीयों की मदद कर चुका है 'REDIO', भारत में लॉन्च हुआ

रेडियो एक पहल है जिसका उद्देश्य हर देश में सहायता समूह बनाना है और अपने नेटवर्क के माध्यम से हम उन सभी एनआरआई, पीआईओ और ओसीआई तक पहुंचने की उम्मीद करते हैं जिन्हें मदद की जरूरत है।

150 संकटग्रस्त भारतीयों की मदद कर चुका है 'REDIO', भारत में लॉन्च हुआ

विदेशों में बसे 3 करोड़ से अधिक भारतीय प्रवासियों के लिए बनाया गया REDIO यानी रेस्क्यूइंग एर्वी डिस्ट्रेस्ड इंडियन ओवरसीज आखिरकार भारत में लॉन्च हो गया। 20 फरवरी को राजधानी दिल्ली में भारतीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने REDIO को लॉन्च किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि लेखी के अलावा पूर्व राजदूत, विदेशी मंत्रालय के ​सचिव और REDIO के फाउंडर डॉ. ज्ञानेश्वर मुले, भारत में स्विट्जरलैंड के राजदूत डॉ. राल्फ हेकनर, इंडो​नेशिया में पूर्व राजदूत गुरजीत सिंह मौजूद थे। कार्यक्रम में मूमेंट आफ पॉजिटिविटी से संजय पाराशर और इंडियन डायस्पोरा कल्ब के मैनेजिंग डायरेक्टर रजत कपूर भी शामिल हुए थे।

ज्ञानेश्वर मुले को पासपोर्ट मेन ऑफ इंडिया भी कहा जाता है। मुले को साल 2016-19 की अवधि के बीच देश में 450 नए पासपोर्ट कार्यालय खोलने का श्रेय हासिल है। सभी फोटो व वीडियो: राजीव भट्ट

फरवरी 2021 में शुरू हुए रेस्क्यूइंग एर्वी डिस्ट्रेस्ड इंडियन ओवरसीज (रेडियो) के माध्यम से फरवरी 2022 तक 150 संकटग्रस्त भारतीयों की मदद की जा चुकी है। REDIO यानी रेस्क्यूइंग एर्वी डिस्ट्रेस्ड इंडियन ओवरसीज की शुरुआत ज्ञानेश्वर मुले ने पिछले साल की थी। विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ मिलकर NRIs यानी नॉन रेजिडेंट भारतीय, PIOs यानी पीपल आफ इंडियन आरिजन और ओवरसीज सिटीजन आफ इंडिया यानी OCIs के लिए मुले ने REDIO की शुरुआत की थी। मुले REDIO को लेकर कहते हैं कि प्रवासी भारतीयों की संख्या 3 करोड़ से अधिक है।

उन्होंने जानकारी दी कि प्रवासी भारतीय शिक्षा, व्यवसाय, मीडिया, कला, संस्कृति, राजनीति और कई अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। अक्सर कई लोगों को आव्रजन, रोजगार, अन्य देशों में राजनीतिक उथल-पुथल, कानूनी मुद्दों, भारत में संपत्ति के मुद्दों या वैवाहिक कलह के मुद्दों से संबंधित समस्याओं और संकट का सामना करना पड़ता है। खाड़ी देशों में भारतीय कामगारों की अपनी अलग समस्याएं हैं और उन्हें कभी-कभी दुर्व्यवहार और अन्याय का सामना करना पड़ता है।