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गांधी के दर्शन की अलख जगाने के लिए करोड़ों का दान किन विभूतियों ने दिया

रवि और नैना पटेल का कहना है कि महात्मा गांधी भारत के तत्व दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ को बहुत ही महत्व देते थे। इसका अर्थ है कि संपूर्ण विश्व ही हमारा परिवार है। रवि और नैना पटेल फाउंडेशन के सदस्य गांधी जी के इन्हीं विचारों से बेहद प्रभावित हैं और इसे आगे बढ़ाने की मुहिम में जुटे हैं।

अगर आज की दुनिया को अपना वजूद कायम रखना है तो यह रास्ता प्रेम और अहिंसा का ही हो सकता है। इस दर्शन को महात्मा गांधी ने अपने जीवन में उतार लिया था। और उनके रोजाना के आचरण से यह प्रकट भी होता था। महात्मा गांधी के विचार न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया के तमाम लोगों को आज भी प्रभावित करते हैं। उनके सत्य और अहिंसा के दर्शन को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका में रवि और नैना पटेल फाउंडेशन ने अमेरिका के फ्रेस्नो स्थित कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी को 11 करोड़ 25 लाख का दान दिया है। इस धन का इस्तेमाल विश्वविद्यालय के ‘एमके गांधी सेंटर: शांति और सर्वोदय’ को सहयोग करने के लिए किया जाएगा।

यह संस्थान गांधी जी के आंतरिक शांति और सर्वोदय की बौद्धिक समझ और इसके व्यावहारिक पक्ष को आगे बढ़ाने का काम करेगा। सर्वोदय का दर्शन इस बात पर आधारित है कि एक ऐसा समाज जो प्रेम और अहिंसा से भरा हो। जहां सबको अपने विकास करने का अवसर मिले। फाउंडेशन के रवि और नैना पटेल का कहना है कि महात्मा गांधी भारत के तत्व दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ को बहुत ही महत्व देते थे। इस मंत्र का मतलब है कि संपूर्ण विश्व ही हमारा परिवार है।

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