पंजाब मे NRI's के हजारों केस हैं लंबित, उनके लिए बनेंगी पांच और अदालतें

प्रत्येक जिले में एक वरिष्ठ अधिकारी को एनआरआई की शिकायतों से निपटने के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। दिल्ली में भी इस उद्देश्य के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि एनआरआई मामलों के विभाग में एक आर्थिक विंग चालू होगा।

पंजाब मे NRI's के हजारों केस हैं लंबित, उनके लिए बनेंगी पांच और अदालतें

भारत के राज्य पंजाब की मौजूदा सरकार ने राज्य में फास्ट-ट्रैक एनआरआई अदालतों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में एकमात्र एनआरआई-नामित अदालत जालंधर जिले में है। अब विभाग का लक्ष्य ऐसी पांच और अदालतें स्थापित करना है। इन अदालतों को खास एनआरआई के लिए पंजाब के शहर बठिंडा, नवांशहर, पटियाला, होशियारपुर और मोगा में बनाने की योजना है।

पंजाब सरकार ने गृह मंत्रालय और न्याय विभाग को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की प्रशासनिक समिति के साथ इस मामले पर चर्चा करने के बाद जल्द ही एनआरआई अदालतें शुरू करने के लिए कहा है। एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि एनआरआई से संबंधित लगभग 2,500 मामले लंबित हैं।

सरकार फीडबैक-आधारित एनआरआई नीति तैयार करने के अंतिम चरण में है।

धालीवाल ने बताया कि पंजाब सरकार नई एनआरआई नीति तैयार कर रही है जिसमें एनआरआई को हर संभव तरीके से मदद करने का प्रयास किया जाने का प्रावधान है। ऐसे ही एनआरआई आयोग की मदद से शिकायतों के समयबद्ध निवारण के लिए एक तंत्र पर काम किया जा रहा है। सरकार फीडबैक-आधारित एनआरआई नीति तैयार करने के अंतिम चरण में है।

विभाग एनआरआई से संबंधित राजस्व मामलों के आंकड़ों को आयुक्तों, डीसी, एडीसी और एसडीएम के साथ संकलित कर रहा है ताकि उनकी प्रगति की समीक्षा की जा सके और मासिक आधार पर मामलों की निगरानी की जा सके। प्रत्येक जिले में एक वरिष्ठ अधिकारी को एनआरआई की शिकायतों से निपटने के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। दिल्ली में भी इस उद्देश्य के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा।

धालीवाल ने बताया कि एनआरआई मामलों के विभाग में एक आर्थिक विंग चालू होगा। यह अनिवासी भारतीयों को बैंकों, प्रेषण, कर, संपत्ति पंजीकरण (रिवर्स मॉर्गेज, उत्तराधिकार के मुद्दों, पंजाब शहरी किराया नियंत्रण अधिनियम, पंजाब भूमि सुरक्षा अधिनियम और पेप्सू कृषि संशोधन अधिनियम, 2013 से संबंधित मुद्दों) से संबंधित सभी वित्तीय मामलों में उनके कार्यों में सहायता करेगा।