पंजाब: अकाली राजनीति के लिए भस्मासुर बनेंगे ड्रग तस्करी के आरोपी मजीठिया?

आरोप है कि मजीठिया के अमृतसर स्थित घर में विदेश से आने वाले एनआरआइ रहते थे जहां उन्हें इनोवा और गनमैन तक दिए जाते थे। चंडीगढ़ स्थित सेक्टर 39 के सरकारी घर में भी नशा तस्कर ठहरते रहे। फरार मजीठिया के खिलाफ भारत के गृह मंत्रालय ने लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया है।

पंजाब: अकाली राजनीति के लिए भस्मासुर बनेंगे ड्रग तस्करी के आरोपी मजीठिया?

भारत के राज्य पंजाब में अकाली दल के नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर बहुचर्चित 6 हजार करोड़ रुपए के सिंथेटिक ड्रग केस में FIR दर्ज हुई है। यह केस 2012 में शुरू हुआ था। इसमें सियासी भूचाल तब मचा जब 2014 में पेशी पर आए केस के मुख्य आरोपी और पंजाब पुलिस के बर्खास्त DSP जगदीश भोला ने तत्कालीन रेवेन्यू मिनिस्टर बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम ले लिया। पंजाब की अकाली दल सरकार में मजीठिया सूचना प्रसार व पर्यावरण मंत्री रह रहे थे। वह अकाली दल सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे सुखबीर सिंह बादल के साले हैं और युवा अकाली दल के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ भारत के गृह मंत्रालय ने लुक आउट सर्कुलर जारी किया है। 

पंजाब में तब अकाली-भाजपा गठबंधन की सरकार थी और बादल परिवार से रिश्तेदारी के चलते मजीठिया की गिनती सबसे पावरफुल मंत्रियों में होती थी। ड्रग केस में मजीठिया का नाम आने से पंजाब की पूरी सियासत हिल गई। फरार अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ भारत के गृह मंत्रालय का लुक आउट सर्कुलर भी जारी है। जब यह मामला खुला था उस वक्त 6000 हजार करोड़ की ड्रग्स तस्करी के आरोप लगे थे।