प्रवासी भारतीयों को हवाई सुविधा के लिए पंजाब के मंत्री की कई गुजारिशें

मोदी सरकार के विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन तक पहुंची डिमांड। NRI के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर CCTV कैमरों से लेकर आपातकाल के दौरान पंजाबी समुदाय के लिए 24/7 हेल्पलाइन सुविधा, विदेश मंत्रालय में 24 घंटे की सहायता डेस्क जैसी मांग भी की गई हैं।

प्रवासी भारतीयों को हवाई सुविधा के लिए पंजाब के मंत्री की कई गुजारिशें

भारत के राज्य पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने मोदी सरकार के विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन के सामने विदेशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए अमृतसर एयरपोर्ट से कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की।

नई दिल्ली में वी मुरलीधरन से मुलाकात के दौरान धालीवाल ने मांगों की एक लंबी सूची सौंपी।9

धालीवाल ने विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन के सामने विशेष प्रावधानों को लेकर एक लंबी सूची दी, जिनमें एनआरआई के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सीसीटीवी कैमरों से लेकर आपातकाल के दौरान पंजाबी समुदाय के लिए 24/7 हेल्पलाइन सुविधा, भारत के प्रवासी नागरिकों के वीजा की त्वरित प्रक्रिया और विदेश मंत्रालय में 24 घंटे की सहायता डेस्क जैसी मांग को धालीवान ने शामिल किया था।

नई दिल्ली में वी मुरलीधरन से मुलाकात के दौरान धालीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ और अमृतसर हवाई अड्डों को भी सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे बनाया जाना चाहिए। धालीवाल ने यह भी मांग की कि आव्रजन काउंटरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि एनआरआई को इन काउंटरों पर किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

उन्होंने ओसीआई धारकों के वीजा के त्वरित प्रसंस्करण की आवश्यकता को लेकर भी जोर दिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से यह भी मांग की कि विदेश मंत्रालय में एक हेल्प डेस्क भी स्थापित की जानी चाहिए, जो एनआरआई के लिए 24 घंटे उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि इस हेल्प डेस्क नंबर को विदेश मंत्रालय के सभी दूतावासों में व्यापक रूप से प्रचारित किया जाना चाहिए।

बैठक के दौरान धालीवाल ने मुरलीधरन से शस्त्र अधिनियम में एक विशेष प्रावधान की भी अपील की ताकि अनिवासी भारतीय अपने हथियारों के लाइसेंस का ऑनलाइन नवीनीकरण करा सकें। उन्होंने यह भी मांग ​की कि भारत लौटने वाले अनिवासी भारतीयों के लिए भारतीय पुलिस से कोई पुलिस सत्यापन नहीं होना चाहिए। बल्कि यह सत्यापन मूल देश से किया जा सकता है जहां से वह भारत आते हैं।