रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर मतदान से दूर रहा भारत, भारतीय-अमेरिकी सांसद ने निराशा जताई

कांग्रेस सदस्य एरिक स्वालवेन और रिपब्लिकन सांसद जॉन कोर्निन ने भी भारत के इस कदम पर निराशा व्यक्त की है। स्वालवेन ने कहा कि रो खन्ना और मैं सबसे बड़े भारतीय-अमेरिकी जिलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हमने अपने लोगों से जो भी सुना है, यह वोट उसके एकदम उलट है।

रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर मतदान से दूर रहा भारत, भारतीय-अमेरिकी सांसद ने निराशा जताई

यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव पर मतदान में भारत ने हिस्सा नहीं लिया है। भारत सरकार के इस फैसले पर प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि चीन की जो विस्तारवादी योजनाएं हैं, उनका मुकाबला करने के लिए भारत के साथ अमेरिका खड़ा होगा, रूस नहीं।

उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रायोजित प्रस्ताव पर मतदान से भारत, चीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दूरी बनाई थी। वहीं, रूस ने इस पर वीटो किया था। प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विरोध में एक वोट पड़ा था। अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, रूस और फ्रांस सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य हैं और उनके पास वीटो का अधिकार है। भारत सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य नहीं है। उसका दो साल का वर्तमान कार्यकाल इसी साल खत्म होने वाला है।