नागरिकता हासिल कर विदेशों में कारोबार बढ़ाना चाहते हैं भारतीय निवेशक

पुर्तगाल का गोल्डन आवासीय परमिट प्रोग्राम को लेकर भारतीय दिलचस्पी दिखा रहे हैं। यहां वैभवशाली इमारतों में निवेश को लेकर बाजार ने महामारी के दौरान लचीला रुख अपनाया। अब पुर्तगाल को उम्मीद है कि आने वाले समय में विदेशी निवेशक गुणवत्तापूर्ण जीवन जीने की चाह में उनके देश का रुख करेंगे।

नागरिकता हासिल कर विदेशों में कारोबार बढ़ाना चाहते हैं भारतीय निवेशक
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कोरोना महामारी ने दुनिया भर के उद्योग और कारोबार को प्रभावित किया है। लेकिन इस बीच दुनिया के बड़े निवेशकों के बीच एक खास तरह का झुकाव भी देखने को मिला है। वे विदेशों में नागरिकता हासिल कर वहां अपना कारोबार बढ़ाना चाहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय निवेशक भी शामिल हैं। दुनिया के कई देश इन भारतीय निवेशकों का दिल खोलकर स्वागत करने के लिए तैयार हैं। वैश्विक स्तर पर काम करने वाले निवेश फर्म हेनले एंड पार्टनर्स का कहना है कि विदेशों में कारोबार शुरू करने के लिए जानकारी हासिल करने के मामले में 80 फीसदी का उछाल आया है।

लंदन स्थित नागरिकता सलाहकार फर्म सीएस ग्लोबल पार्टनर के मुताबिक अमीर भारतीयों में निवेश के लिए विदेशी नागरिकता की तलाश बहुत तेजी से बढ़ी है। भारत के बड़े कारोबारी अपनी संपत्ति में विविधता बनाए रखने के लिए सुरक्षित और आसान निवेश विकल्पों की तरफ देख रहे हैं। इसे लेकर एक नया शोध भी सामने आया है। विदेशों में बसने के लिए भारतीय निवेशक वहां के माहौल का भी मुआयना करते हैं। जैसे, जिस देश में वह बसना चाहते हैं तो वहां की सुरक्षा-व्यवस्था कैसी है। कारोबार को लेकर अवसर कैसे हैं। उस देश की आर्थिक स्थिति कैसी है।