बर्लिन में भारतीयों बच्चों ने कुछ ऐसा किया कि पीएम मोदी ने कहा, शाबास!

बर्लिन के एक स्कूल में पढ़ने वाली मान्या ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलना एक अद्भुत अनुभव था। वह मेरे आइकॉन हैं। मेरे द्वारा बनाई गई पेंटिंग पर उन्होंने हस्ताक्षर किए और मुझसे शाबाश भी कहा। प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मेरा सपना सच हो गया।

बर्लिन में भारतीयों बच्चों ने कुछ ऐसा किया कि पीएम मोदी ने कहा, शाबास!

तीन देशों की यूरोपिय यात्रा के पहले चरण में बर्लिन पहुंचे नरेंद्र मोदी का प्रवासी भारतीयों ने जोरदार स्वागत किया। जर्मनी में भारतीय मूल के दो छोटे बच्चे आशुतोष और मान्या मिश्रा होटल एडलॉन केम्पिंस्की में प्रधानमंत्री से मिले और कुछ ही मिनटों की इस मुलाकात में दोनों ही बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल जीत लिया।

आशुतोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र को देशभक्ति गीत सुनाया तो वहीं छोटी बच्ची मान्या ने अपना बनाया चित्र प्रधानमंत्री को भेंट किया। प्रधानमंत्री ने भी आशुतोष से देशभक्ति गीत सुनने के बाद प्रशंसा की और शाबाश कहा। वहीं मान्या के साथ प्रधानमंत्री ने तस्वीर ली और चित्र पर अपने हस्ताक्षर किए।

बर्लिन के एक स्कूल में पढ़ने वाली मान्या ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री के लिए चित्र बनाने के लिए अपनी मां की मदद ली थी। प्रधानमंत्री मोदी से मिलना एक अद्भुत अनुभव था। वह मेरे आइकॉन हैं। मेरे द्वारा बनाई गई पेंटिंग पर उन्होंने हस्ताक्षर किए और मुझसे शाबाश भी कहा। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के अपने अनुभव को साझा करते हुए मान्या ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मेरा सपना सच हो गया।

प्रवासी भारतीयों ने ब्रैंडेनबर्ग गेट पर प्रधानमंत्री का अभिवादन करने के लिए नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की कुछ तस्वीरों के साथ ट्वीट किया और लिखा कि बर्लिन के प्रतिष्ठित ब्रैंडेनबर्ग गेट पर भारत के रंग और विविधता प्रदर्शित हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार जर्मनी में लगभग 2.03 लाख भारतीय पासपोर्ट धारक और भारतीय मूल के लोग हैं जिनमें लगभग 1.60 लाख एनआरआई या भारतीय पासपोर्ट धारक और लगभग 43,000 पीआईओ हैं। भारतीय डायस्पोरा में मुख्य रूप से पेशेवर, शोधकर्ता और वैज्ञानिक, व्यवसायी, नर्स और छात्र शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में आईटी, बैंकिंग, वित्त आदि के क्षेत्र में भी योग्य भारतीय पेशेवरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।