एक साल बाद फिर मैदान पर अमेरिकी बेसबॉल खिलाड़ी पिचर कुमार रॉकर

कुमार एक फुटबॉल कोच ट्रेसी क्विंटन रॉकर और एक भारतीय अमेरिकी मां ललिता के बेटे हैं। वह तीन साल तक वेंडरबिल्ट कमोडोर के लिए खेले और उन्हें कॉलेज वर्ल्ड सीरीज मोस्ट आउटस्टैंडिंग प्लेयर का नाम दिया गया।

एक साल बाद फिर मैदान पर अमेरिकी बेसबॉल खिलाड़ी पिचर कुमार रॉकर

अमेरिका में वेंडरबिल्ट के बेसबॉल खिलाड़ी पिचर कुमार रॉकर लगभग एक साल खेल से दूर रहने के बाद पिछले हफ्ते मैदान पर लौट आए हैं। 22 साल के दाएं हाथ के खिलाड़ी ने न्यूयॉर्क स्थित इंडिपेंडेंट फ्रंटियर लीग के ट्राई-सिटी वैलीकैट्स के लिए खेला। उन्होंने जुलाई में होने वाले एमएलबी ड्राफ्ट की तैयारी के लिए इस साल जनवरी में करार किया था। कुमार 2021 एमएलबी ड्राफ्ट से चूक गए थे।

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 5 जून के खेल के दौरान कुमार ने पांच को हिट किया। उन्होंने चार पारियां खेलीं और 16 बल्लेबाजों का सामना किया 60 पिचों को फेंका, जिसमें 43 स्ट्राइक थे। रॉकर का कहना है कि मैं अच्छे परिणाम देखकर खुश हूं। कुमार एक फुटबॉल कोच ट्रेसी क्विंटन रॉकर और एक भारतीय अमेरिकी मां ललिता के बेटे हैं। वह तीन साल तक वेंडरबिल्ट कमोडोर के लिए खेले और उन्हें कॉलेज वर्ल्ड सीरीज मोस्ट आउटस्टैंडिंग प्लेयर का नाम दिया गया।

कुमार ने जब जॉर्जिया के बोगार्ट में नॉर्थ ओकोनी हाई स्कूल में दाखिला लिया तो उन्होंने फुटबॉल और बेसबॉल दोनों खेले।

साल 2019 के 8 जून को रॉकर ने इतिहास रच दिया। ड्यूक के खिलाफ पिचिंग करते हुए वह बेसबॉल टूर्नामेंट के सुपर रीजनल राउंड में नो-हिटर फेंकने वाले एनसीएए इतिहास में पहले पिचर बन गए। उन्होंने कमोडोर की 3-0 की जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद मिशिगन के खिलाफ कॉलेज वर्ल्ड सीरीज के फाइनल में 6.1 पारियों में 11 स्ट्राइक आउट रिकॉर्ड करते हुए खुद को स्थापित किया।

कुमार ने जब जॉर्जिया के बोगार्ट में नॉर्थ ओकोनी हाई स्कूल में दाखिला लिया तो उन्होंने फुटबॉल और बेसबॉल दोनों खेले। लेकिन हाई स्कूल के अपने जूनियर वर्ष तक फुटबॉल खेलना पूरी तरह से बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने केवल बेसबॉल पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया।

एक खेल न्यूज चैनल के अनुसार रॉकर का जन्म मोंटगोमरी अलबामा में हुआ था। उनके पिता का कोचिंग करियर परिवार को एक शहर से दूसरे शहर ले गया। एक बच्चे के रूप में उन्होंने सात राज्यों का प्रवास किया। अरकंसास में वह सात साल तक रहे। ऑक्सफोर्ड, मिसिसिप्पी में 11 महीने बिताए। इस बारे में कुमार का कहना है कि इसने मुझे सिखाया कि लोग कैसे काम करते हैं और अपने व्यवसाय के बारे में उनकी सोच क्या है। कुमार के मुताबिक मैंने उन सात राज्यों में से प्रत्येक में कुछ न कुछ सीखा और इसे अपने आप में उतार लिया।