पिंगली वेंकैया : जिन्होंने राष्ट्र ध्वज तिरंगे को डिजाइन किया

पिंगली वेंकैया ने तिरंगा झंडा बनाने से पहले 30 देशों के झंडों की स्टडी की थी। उन्होंने साल 1916 से लेकर 1921 तक इस पर रिसर्च की।

पिंगली वेंकैया : जिन्होंने राष्ट्र ध्वज तिरंगे को डिजाइन किया
भारतीय राष्ट्र ध्वज तिरंगा।

भारत की आजादी के पर्व 15 अगस्त आने में अब बस कुछ दिन ही बचे हैं। पूरा देश और प्रवासी भारतीय एक बार फिर से आजादी का जश्न मनाने के लिए तैयार हैं । देशभक्ति से ओतप्रोत ऐसे अवसरों पर भारतवासी राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) लेकर गर्व महसूस करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तिरंगे को किसने डिजाइन किया था। आइए हम बताते हैं, उस शख्स का नाम था पिंगली वेंकैया।

पिंगली वेंकैया की प्रतिमा।

पिंगली वेंकैया ने तिरंगा झंडा बनाने से पहले 30 देशों के झंडों की स्टडी की थी। उन्होंने साल 1916 से लेकर 1921 तक इस पर रिसर्च की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज का डिजाइन तैयार किया।

आंध्र प्रदेश में मछलीपट्टनम के गांव में पिंगली वेंकैया का जन्म 2 अगस्त 1876 को हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा भटाला पेनमरू और मछलीपट्टनम से प्राप्त की थी। जिसके बाद युवावस्था में वह मुंबई चले गए थे। युवा पिंगली ने वहां जाने के बाद ब्रिटिश इंडियन आर्मी में नौकरी करनी शुरू कर दी। वहां से उन्हें दक्षिण अफ्रीका भेज दिया गया था। जहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में हुए एंग्लो-बोअर युद्ध में बढ-़चढ़ कर भाग लिया। इसी दौरान उनकी महात्मा गांधी से भी मुलाकात हुई और उन्होंने अपने अलग राष्ट्रध्वज होने की बात कही जो गांधीजी को भी पसंद आई।

1916 में पिंगली वेंकैया ने एक ऐसे झंडे के बारे में सोचा जो सभी भारतवासियों को एक सूत्र में पिरोकर रख सके।