पिचाई मानते हैं, क्लाउड (Cloud) की पावर से भारत का भविष्य और संवरेगा

अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने दिल्ली-एनसीआर में सेकंड इंडिया क्लाउड रीजन को समर्पित किया। इसका उद्देश्य पब्लिक सेक्टर में बड़े पैमाने पर जगह बनाना है। गूगल ने 2017 में मुंबई में अपना पहला क्लाउड रीजन लॉन्च किया था।

पिचाई मानते हैं, क्लाउड (Cloud) की पावर से भारत का भविष्य और संवरेगा
अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई। (फोटो: Twitter@sundarpichai)

इंटरनेट ने टेक्नोलॉजी के माध्यम से कारोबार का विस्तार तो किया ही है, साथ ही उसे सशक्त भी बनाया है। अल्फाबेट (Alphabet) और गूगल (Google) के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) देश के उन बिजनेस और इंस्टीट्यूशंस को लेकर उत्साहित हैं, जो भारत के भविष्य का निर्माण करने के लिए क्लाउड (Cloud) की पावर का उपयोग करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में सेकंड इंडिया क्लाउड रीजन को अपनी मातृभूमि को समर्पित किया है। यह कंपनी को गवर्नमेंट कॉरिडोर्स के नजदीक ले जाती है। इसका उद्देश्य पब्लिक सेक्टर में बड़े पैमाने पर जगह बनाना है। गूगल ने 2017 में मुंबई में अपना पहला क्लाउड रीजन लॉन्च किया था।

पिचाई ने गूगल के हेडक्वार्टर माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया से एक वर्चुअल इवेंट के जरिए दुनिया को बताया, "हमें गर्व है कि हमने दिल्ली-एनसीआर क्लाउड रीजन को लॉन्च किया है। यह भारत में हमारा दूसरा क्लाउड रीजन है। यह सभी आकार के बिजनेस को घर के करीब भी विश्वसनीय और सुरक्षित क्लाउड तकनीक का उपयोग करते हुए जटिल चुनौतियों को सॉल्व करने में मदद करेगा।” उन्होंने कहा, "हम आगे तमाम अवसर देखते हैं। जैसा कि दुनिया फिर से सोचती है कि हम कैसे रहते हैं और कैसे काम करते हैं।”

इस नए रीजन के साथ भारत में काम कर रहे गूगल क्लाउड के ग्राहकों को इंस्टेंट और उनके क्लाउड-आधारित कार्यभार व डेटा की हाई परफॉर्मेंस का लाभ मिलेगा। यह रीजन हाई अवेलिबिलिटी के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह व्यवधानों (डिसरप्शन) से बचाने के लिए तीन अवेलिबिलिटी रीजन के साथ ओपन होता है और प्रमुख प्रोडक्ट का एक पोर्टफोलियो प्रदान करता है। इसके अलावा यह दिल्ली-एनसीआर रीजन ग्राहकों के लिए मल्टी-रीजन और डिजास्टर रिकवरी जैसे रेवेन्यू को अनब्लॉक करेगा। यह दूर के डिजास्टर रिकवरी सॉल्यूशंस के साथ विनियमित उद्योगों में कंपनियों के लिए एक डिफरेंसिएटेड वैल्यू प्रपोर्शन बनाता है। गूगल के अनुसार, ग्राहकों के पास मौजूदा भागीदारों के साथ दिल्ली-एनसीआर रीजन का उपयोग करने के लिए "इंटरकनेक्ट" के माध्यम से निजी कनेक्शन स्थापित करने की क्षमता होगी।