फोटो फीचरः नौका पर टीका यानी बोट एंबुलेंस से कोरोना टीकाकरण

बिहार के खगड़िया जिला प्रशासन ने बाढ़ग्रस्त इलाके में कोरोना टीकाकरण का अभिनव अभियान नौका पर टीका यानी बोट एंबुलेंस शुरू किया है।

फोटो फीचरः नौका पर टीका यानी बोट एंबुलेंस से कोरोना टीकाकरण
बिहार के कई इलाके हर साल बाढ़ की विभीषिका से जूझते हैं। कोरोना महामारी के दौर में लोगों पर यह दोहरी आफत आन पड़ी है। इन हालातों में प्रशासन ने कोरोना से बचाव के लिए नौका पर टीका अभियान शुरू किया है। सभी फोटोः खगड़िया जिला प्रशासन।

कोरोना महामारी के दौर में बिहार के कई इलाके बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे हैं। इसे देखते हुए  खगड़िया के जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन ने कोरोना टीकाकरण के लिए अभिनव अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों में 'नौका पर टीका' अभियान को झंडी दिखाकर रवाना किया जिससे बाढ़ कोरोना महामारी से बचाव की राह में बाधा नहीं बन सके।

खगड़िया के जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन नौका पर टीका अभियान की शुरुआत करते हुए।

जिलाधिकारी द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों में टीकाकरण को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और जनता शामिल हुए। जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगों को बताया कि कोरोना की तीसरी लहर संभावित है, जिसमें कम उम्र के लोग संक्रमण से प्रभावित हो सकते हैं।

नौका पर टीका अभियान के तहत नौका पर सवार चिकित्साकर्मी एक गांव में टीकाकरण के बाद दूसरे गांव की ओर रवाना होते हुए।

एंबुलेंस बोट के जरिये सर्वप्रथम रसौंक गांव में लोगों का टीकाकरण किया गया और इसके बाद यह बोट मधुरा ग्राम में टीकाकरण के लिए पहुंची।

बिहार हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलता है। कभी भारी बारिश की वजह से तो कभी नेपाल की नदियों से पानी छोड़े जाने की वजह से। 

जिलाधिकारी आलोक रंजन ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण और टेस्टिंग ही उपाय है। कोरोना का टीका पूर्णतया सुरक्षित है और किसी प्रकार के अफवाह का शिकार लोग ना बनें। अब लोग टीका लेने के लिए स्वतः ही आगे आ रहे हैं।

इस बार लोगों पर बाढ़ और कोरोना की दोहरी मार पड़ी है। ऐसे में खगड़िया जिला प्रशासन की नौका पर टीका अभियान की शुरुआत काफी सकारात्मक है।