पर्थ से भारत तक सीधी उड़ान क्यों चाहता है ऑस्ट्रेलिया, क्या सोच है CEO की

पर्थ एयरपोर्ट के सीईओ केविन ब्राउन का कहना है कि भारतीय विमानन बाजार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में से एक है। यदि हम वास्तव में इससे जुड़ना और व्यापार करना चाहते हैं, तो हमें सीधी उड़ानों की आवश्यकता है।

पर्थ से भारत तक सीधी उड़ान क्यों चाहता है ऑस्ट्रेलिया, क्या सोच है CEO की

वर्षों तक दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश की अनदेखी करने वाले ऑस्ट्रेलिया के लिए अब भारत एक अहम देश हो गया है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की राजधानी पर्थ स्थित पर्थ अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (पीईआर) भारत के लिए सीधी उड़ान शुरू करने के अवसरों की तलाश कर रहा है। ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल रिव्यू ने इस महीने की शुरुआत में बताया, पर्थ एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी केविन ब्राउन, पर्थ और दिल्ली के बीच सीधी उड़ान को फायदेमंद देख रहे हैं।

द ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल रिव्यू अखबार के अनुसार, पर्थ एयरपोर्ट के सीईओ केविन ब्राउन ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच हाल ही में हुए नए मुक्त व्यापार समझौते के बाद बेहतर संभावना देख रहे हैं। ब्राउन का कहना है कि भारतीय विमानन बाजार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में से एक है। यदि हम वास्तव में इससे जुड़ना और व्यापार करना चाहते हैं, तो हमें सीधी उड़ानों की आवश्यकता है।

ब्राउन कहते हैं कि वह मुंबई, दिल्ली और चेन्नई के बीच सीधी उड़ानें देखना चाहते हैं।

मेलबर्न हवाई अड्डे पर पहले से ही दिल्ली के लिए सीधी उड़ानें हैं। ब्राउन कहते हैं कि वह मुंबई, दिल्ली और चेन्नई के बीच सीधी उड़ानें देखना चाहते हैं। ब्राउन के मुताबिक पर्थ असल में सिडनी या मेलबर्न की तुलना में भारत के अधिक करीब है। उनका कहना है कि भारत से ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर जाने में ज्यादा समय लगता है। लेकिन पर्थ इसकी तुलना में काफी करीब है।

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में उड़ान भरने का लाभ यह है कि इससे समय और ईंधन की काफी बचत होगी। लेकिन इस निकटता के बावजूद किसी भी एयरलाइन ने भारतीय शहर और पर्थ हवाई अड्डे के बीच उड़ान भरने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। भारत में पैदा हुए लोग अब ऑस्ट्रेलिया में दूसरे सबसे बड़े प्रवासी समूह हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया सिडनी और मेलबर्न के बाद भारत में जन्मी तीसरी सबसे बड़ी आबादी की मेजबानी करता है।

1990 के दशक में ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ानें समाप्त करने के बाद एयर इंडिया ने 2013 में दिल्ली, सिडनी और मेलबर्न के बीच उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू किया। इसके बाद से एयर इंडिया से ऑस्ट्रेलिया तक आवाजाही रही, जब तक कोरोना महामारी की वजह से सेवाओं पर विराम नहीं लग गया। केविन ब्राउन का मानना है कि पर्थ भारतीय एयरलाइन के लिए उपयुक्त हो सकता है। कीमत के लिहाज से देखें तो भारतीयों के लिए पर्थ से आवागमन करना ऑस्ट्रेलिया के अन्य जगहों की तुलना में सस्ती हो सकती है।