पाकिस्तान में नाराज कट्टरपंथियों ने गणेश मंदिर तोड़ा, भारत ने जताया विरोध

इस मंदिर को हाल ही में बनाया गया था। मंदिर में भगवान शिव, गणेश और अन्‍य देवताओं की मूर्तियां थीं।

पाकिस्तान में नाराज कट्टरपंथियों ने गणेश मंदिर तोड़ा, भारत ने जताया विरोध

पाकिस्तान के पंजाब सूबे में कट्टरपंथियों ने हिंदुओं के एक और मंदिर को तोड़ दिया है। दिन के उजाले में मंदिर के ऊपर हुए इस हमले के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। वीडियो में कट्टरपंथियों की भीड़ मंदिर में तोड़फोड़ करती नजर आती है। यह घटना पंजाब सूबे के रहीम यार खान के पास स्थित भोंग शहर की है। मंदिर को आग के हवाले भी कर दिया गया था, जिस कारण वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।

पंजाब प्रांत में भगवान गणेश के मंदिर में जमकर तोड़फोड़ की गई। भगवान की मूर्तियों को लोहे के मोटे गाटर से टक्‍कर मारकर तोड़ा गया। यही नहीं पाकिस्‍तानी कट्टरपंथियों ने इस पूरी घटना को फेसबुक पर लाइव भी किया। घटना के बाद मंदिर को आग के हवाले कर दिया गया।

भारत ने इस मसले पर अपना विरोध दर्ज किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कहा, "पाकिस्तान में गणेश मंदिर और मंदिर के आसपास हिंदू घरों को जलाने की खबर सामने आई है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों पर हमलें लगातार हो रहे हैं। पिछले साल कई हिंदू और सिख धार्मिक स्थलों पर हमले किए गए, जिनमें जनवरी 2020 में सिंध के माता ​रानी मंदिर और गुरुद्वारा श्री जन्म स्थान, दिसंबर 2020 में ​खैबर पख्तूनख्वा के हिंदू मंदिर में भी भीड़ ने हमला किया। यह सभी मामले बताते हैं कि पाकिस्तान सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर विफल है।" उन्होंने ये भी कहा, "नई दिल्ली में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को भारत सरकार ने बुलाया है और इस मामले को लेकर अपना कड़ा विरोध जाहिर करते हुए पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर होने की बात कही है।"

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में पिछले साल अगस्त में आजादी के पहले बने एक हनुमान मंदिर को तोड़ दिया गया था। इस मंदिर के आसपास करीब 20 हिंदू परिवार रहते थे। इनके मकान भी तोड़ दिए गए। यहां एक बिल्डर कॉलोनी बना रहा है। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन ने उसकी मदद की। मंदिर में मौजूद मूर्तियां भी गायब कर दी गई थी।

हालिया घटना में इस गणेश मंदिर में कट्टरपंथियों ने जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने न केवल मूर्तियों को खंडित किया, बल्कि मंदिर में लगे झूमर, कांच जैसे सजावटी समानों को भी तोड़कर तहस-नहस कर दिया। इस दौरान मंदिर परिसर में इन कट्टरपंथियों की भारी भीड़ मौजूद थी। पहले के मामलों की तरह इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।