COVID-19 राहत कोष की धोखाधड़ी में चौथे भारतीय कनाडाई पर लगे आरोप

धोखाधड़ी के लिए तीन अन्य भारतीय-कनाडाई पर पहले ही आरोप तय हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों का एक-दूसरे से कोई सीधा संबंध नहीं है।

COVID-19 राहत कोष की धोखाधड़ी में चौथे भारतीय कनाडाई पर लगे आरोप

कनाडा के ओंटारियो में कोविड-19 राहत कोष में कथित 11 मिलियन डॉलर लगभग 82 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में एक और भारतीय-कनाडाई व्यक्ति पर आरोप तय हुए हैं। ब्रैम्पटन के 41 वर्षीय मनीष गंभीर को इस सप्ताह की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है। हालांकि अभियुक्त को 10 नवंबर को अदालत में पेश होने का आदेश मिला है।

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संजय मदान, उनकी पत्नी और दोनों वयस्क बच्चे ओंटारियो सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में काम करते थे। Photo by Rachael Annabelle / Unsplash

मनीष गंभीर पर जालसाजी से कमाई धनराशि से संपत्ति खरीदने का भी आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि इसके अलावा ओंटारियो सरकार के कोविड राहत कोष से 11 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी के लिए तीन अन्य भारतीय-कनाडाई पर पहले ही आरोप तय हो चुके हैं। इनमें संजय मदान और उनकी पत्नी शालिनी मदान हैं जिन्हें 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। जबकि ओंटारियों पुलिस ने 54 वर्षीय विधान सिंह को कुछ दिनों बाद गिरफ्तार किया था।