अमीर देशों में 70% तो गरीब देशों में मात्र 5% को लगी है दोनों डोज : स्टडी

इस मॉडलिंग अध्ययन में अमीर देशों पर यह भी कटाक्ष किया गया है कि जितनी भी डोज गरीब देशों को दी जा रही हैं उसमें खुद अमीर देशों का स्वार्थ है। अध्ययन के अनुसार उच्च आय वाले देशों में 72 फीसदी की तुलना में कम आय वाले देशों में केवल 5 फीसदी लोग ही पूरी तरह से वैक्सीनेटिड हैं।

अमीर देशों में 70% तो गरीब देशों में मात्र 5% को लगी है दोनों डोज : स्टडी
Photo by National Cancer Institute / Unsplash

दो साल से अधिक समय से दुनिया को अपने इशारों पर गोल गोल घुमाने वाली कोरोना महामारी ने एक बार फिर दुनिया में जारी असमानता को सामने लाकर खड़ा कर दिया है। हाल ही में आए एक शोध में सामने आया है कि विश्व के अमीर देशों में जहां 70 फीसदी से अधिक लोगों को कोरोना महामारी से बचने के लिए दोनों डोज दी जा चुकी हैं वहीं कई गरीब देश में दोनों डोज लेने वाले नागरिकों की संख्या मात्र 5 फीसदी है।

एक मॉडलिंग अध्ययन के अनुसार खुलासा हुआ है कि जब तक वैक्सीन की इस असमानता को कम नहीं किया जाएगा तब तक यह महामारी खत्म नहीं होगी। यानी यह लंबी खिंचेगी और इसके कई नए वैरिएंट बनते रहेंगे। शोध के अनुसार अगर अमीर देशों ने अपनी वैक्सीन के स्टॉक का आधा योगदान दिया तो दुनिया को उभरते हुए कोरोना वैरिएंट से बेहतर तरीके से बचाया जा सकेगा और इससे गरीब और मध्यम आय वाले देशों में बहुत कम मौतें होंगी।