ब्रिटेनी सांसद के बयान पर रिजिजू ने कहा, इसके लिए 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग का भारत विरोध अभियान दोषी

बीते दिनों ब्रि​टेन की युवा सांसद नादिया व्हिटोम ने मध्य प्रदेश के खरगोन और दिल्ली के जहांगीरपुरी की घटनाओं के बाद मानवाधिकारों पर अपनी राय व्यक्त की थी। उन्होंने भारत सरकार पर मुस्लिम विरोधी रुख अख्तियार करने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के खिलाफ कई संगठन भी भारत के पक्ष में उतर आए हैं।

ब्रिटेनी सांसद के बयान पर रिजिजू ने कहा, इसके लिए 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग का भारत विरोध अभियान दोषी

ब्रिटेन की सबसे युवा सांसद के भारत विरोधी बयान पर भारत के केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने चिंता व्यक्त की है। रिजिजू ने कहा कि युवा ब्रिटिश सांसदों को दोष नहीं दिया जाना चाहिए क्योंकि वे वास्तविकता से अवगत नहीं हैं। यह टुकड़े टुकड़े गिरोह द्वारा शुरू किए गए भारत के खिलाफ नकारात्मक अभियान का परिणाम है, जिसका एकमात्र उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी उपलब्धियों को बदनाम करना है। भारत कानून के शासन में विश्वास करता है।

दरअसल बीते दिनों ब्रि​टेन की युवा सांसद नादिया व्हिटोम ने मध्य प्रदेश के खरगोन और दिल्ली के जहांगीर पुरी क्षेत्र की घटनाओं के बाद मानवाधिकारों पर अपनी राय व्यक्त की थी। इसके अलावा अन्य महिला सांसद जराह सुल्तान ने भी भारत में मानवाधिकारों के मुद्दे को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के गुजरात में जेसीबी कारखाने के दौरे से जोड़ा था और कहा था कि यह बुल्डोजर भारत में मुसलमानों की दुकान और घरों को ध्वस्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

महिला सांसदों ने सवाल किया कि क्या बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया और क्या पीएम जॉनसन स्वीकार करते हैं कि उनकी भारत की यात्रा ने भारत में मौजूद राइट विंग की मोदी सरकार के कार्यों को वैध बनाने में मदद की है।

ब्रिटेन की सांसद नादिया व्हिटोम ने कहा था कि भाजपा (मोदी की गवर्निंग पार्टी) मुसलमानों के घरों और दुकानों को बुलडोज करने के लिए जेसीबी का उपयोग कर रही है। बोरिस जॉनसन ने अपनी हाल की भारत यात्रा पर जेसीबी खोदने वालों के साथ तस्वीर खिंचवाई लेकिन उनके मंत्री ने यह नहीं कहा कि क्या उन्होंने मोदी के साथ इन विध्वंसों का मुद्दा भी उठाया था।

इस मसले पर भारतीय के केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट कहा कि युवा ब्रिटिश सांसदों को दोष नहीं दिया जाना चाहिए क्योंकि वे वास्तविकता से अवगत नहीं हैं। मंत्री का आरोप है कि इस तरह का प्रचार टुकड़े टुकड़े गिरोह द्वारा शुरू किए गए भारत के खिलाफ नकारात्मक अभियान का परिणाम है, जिसका एकमात्र उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी उपलब्धियों को बदनाम करना है। उनका कहना है कि भारत कानून के शासन में विश्वास करता है। गौरतलब है कि इस मसले पर भारतीय प्रवासियों के भी कई संगठनों ने भारत विरोधी बयानों पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है और कहा है कि इनका उद्देश्य भारत के विकास को रोकना और विश्व में उसे बदनाम करना है। अभी हाल ही में भारत के सैकड़ों पूर्व नौकरशाहों, जजों आदि ने भी ऐसे भारत विरोधी गैंग की कड़ी आलोचना की थी।