UK: सिख सहयोगी की पगड़ी का मजाक उड़ाने पर सीनियर लेक्चरर को हटाया

नर्सिंग एंड मिडवाइफरी काउंसिल (NMC) ने पिछले हफ्ते सिख लेक्चरर के नस्लीय उत्पीड़न के आरोपों पर मौरिस स्लेवेन नाम के इस नर्स के खिलाफ मामले की वर्चुअल सुनवाई की थी। स्लेवेन पर आरोप है कि वह सिख सहयोगी की पगड़ी को लेकर कभी कहता था कि आपकी पट्टी कहां है।

UK: सिख सहयोगी की पगड़ी का मजाक उड़ाने पर सीनियर लेक्चरर को हटाया
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ब्रिटेन में एक पुरुष नर्स को अपने सिख सहयोगी की धार्मिक मान्यताओं पर उसे परेशान करने और उसकी पगड़ी को कभी पट्टी तो कभी टोपी बोलकर मजाक उड़ाने के लिए देश के मेडिकल रजिस्टर से हटा दिया गया है। यह पुरुष ब्रिटेन के विश्वविद्यालय में सीनियर लेक्चरर भी है।

स्लेवेन पर आरोप है कि वह सिख सहयोगी की पगड़ी को लेकर लगातार छींटाकशी करता रहता था। Photo by Sandy Millar / Unsplash

नर्सिंग एंड मिडवाइफरी काउंसिल (NMC) ने पिछले हफ्ते सिख लेक्चरर के नस्लीय उत्पीड़न के आरोपों पर मौरिस स्लेवेन नाम के इस नर्स के खिलाफ मामले की वर्चुअल सुनवाई की थी। काउंसिल को इस मामले की जानकारी मार्च 2019 में मिली थी कि स्लेवेन अक्टूबर 2016 से यानी अपने सहयोगी की नौकरी की शुरुआत से ही उसे कई मौकों पर नस्लीय रूप से परेशान किया करता था।

स्लेवेन पर आरोप है कि वह सिख सहयोगी की पगड़ी को लेकर कभी कहता था कि आपकी पट्टी कहां है। तो कभी कहता था कि आपने अपनी पट्टी क्यों नहीं पहनी हुई है। इस मसले पर जब सिख सहयोगी ने बताया कि यह टोपी या पट्टी नहीं है बल्कि एक पगड़ी है तो इस पर वह कहने लगा कि नहीं, यह एक टोपी ही है।

एंग्लिया रस्किन विश्वविद्यालय में नर्सिंग के तौर पर काम करने वाले सीनियर लेक्चरर स्लेवेन पर जब इस बात के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया तो उसने कहा कि यह सिर्फ दोस्तों के बीच मजाक था। हालांकि एंग्लिया रस्किन विश्वविद्यालय (एआरयू) ने कहा कि मामले को उसकी आंतरिक प्रक्रिया के अनुसार निपटाया गया और आरोपी कर्मचारी अब एआरयू की सेवा में नहीं है।