सोशल मीडिया की मार, अस्पताल तक जाने की नौबत आ गई थी विदेशी यूनिवर्सिटी की इस भारतीय स्टूडेंट को

रश्मि सावंत ने 16 फरवरी 2021 को आक्सफोर्ड स्टूडेंट यूनियन का अध्यक्ष पद जीता और इस पद तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी। लेकिन रश्मि सावंत पर नस्लभेदी और असंवेदनशील होने के आरोप लगाए गए, जिसके बाद शपथ लेने से पहले ही रशिम को ​पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

सोशल मीडिया की मार, अस्पताल तक जाने की नौबत आ गई थी विदेशी यूनिवर्सिटी की इस भारतीय स्टूडेंट को
ऑक्सफोर्ड यूनि​वर्सिटी में स्टूडेंट यूनियन के प्रेसीडेंट पद पर जीत हासिल करने वाली पहली भारतीय छात्रा रश्मि सावंत। फोटो : रश्मि सांवत (Twitter : @RashmiDVS)

सोशल मीडिया की तलवार की ‘धार’ अब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट यूनियन के प्रेसीडेंट पर जीत हासिल करने वाली एक भारतीय छात्रा पर पड़ी है। उनके पुराने पोस्ट का सहारा लेकर उन्हें नस्लभेदी बताया गया और हेट-मेल कर उनके माता-पिता को भी टारगेट किया गया। सोशल मीडिया की इस ‘बकवास’ का इस स्टूडेंट पर इतना बुरा असर पड़ा कि उसे अस्पताल तक में दाखिल होना पड़ा। इस मसले पर इस भारतीय स्टूडेंट ने सोशल मीडिया पर ओपन लेटर जारी किया है और बताया कि कैसे उन्हें टारगेट कर इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया ।

हम बात कर रहे हैं ऑक्सफोर्ड यूनि​वर्सिटी में स्टूडेंट यूनियन के प्रेसीडेंट पद पर जीत हासिल करने वाली पहली भारतीय किशोरी रश्मि सावंत की। जिन्होंने इस मसले पर अपना पहला आधिकारिक बयान एक ओपन लेटर के तौर पर सोशल मीडिया पर शेयर किया है। सावंत ने उस लेटर के माध्यम से बताया कि कैसे मार्च में उनकी पुरानी पोस्ट के आधार पर उन्हें नस्लभेदी और असंवेदनशील बता दिया गया और उन्हें कैसे इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया गया।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी। यहां सैकड़ों भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ने आते हैं। (फोटो : www.ox.ac.uk)