पंजाब चुनाव: एक पार्टी दो उम्मीदवार के चक्रव्यूह में फंस गए NRI बरजिंदर

बरजिंदर 25 साल पहले अमेरिका गए थे। वहां उन्होंने खूब पैसा बनाया। लेकिन भारत की राजनीति उन्हें हमेशा लुभाती रही। वह ‘नरोआ पंजाब’नाम का एक एनजीओ चलाते हैं। उनका कहना है कि अब ऐसा लग रहा है कि उन्हें गुमराह किया गया था।

पंजाब चुनाव: एक पार्टी दो उम्मीदवार के चक्रव्यूह में फंस गए NRI बरजिंदर

राजनीति की रपटीली राहों ने एनआरआई बरजिंदर हुसैनपुर को सलाखों के पीछे भेज दिया है। भारत के पंजाब प्रांत में हो रहे विधानसभा चुनाव के दिलचस्प मोड़ पर ‘एक फूल, दो माली’ की तर्ज पर एक पार्टी दो उम्मीदवार की स्थिति बन गई। राजनीति की इस सुनहरी बगिया में बरजिंदर को फूल तो मिले नहीं, लेकिन उनके पैरों में कांटे जरूर चुभ गए। फर्जी तरीके से चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

कहानी कुछ यूं है कि बरजिंदर हुसैनपुर ने पंजाब के नवांशहर से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी के तौर पर अपना पर्चा भर दिया। इसे चुनाव अधिकारी ने स्वीकार भी कर लिया था। यहां पर एक पार्टी और दो प्रत्याशी वाली स्थिति बन गई। क्योंकि इसके बाद यह बात सामने आई कि यहां से बसपा-अकाली गठबंधन ने नछत्तरपाल को अपना प्रत्याशी बनाया है। अब इसे लेकर सियासी हलकों में भूचाल आ गया। बरजिंदर और नछत्तरपाल के बीच कौन असली प्रत्याशी है, इसे लेकर विवाद हो गया। फिर मामले में बसपा अध्यक्ष मायावती को दखल देना पड़ा। उन्होंने चुनाव अधिकारी को ईमेल के जरिए नछत्तरपाल को अपना आधिकारिक प्रत्याशी बताया। इसके साथ ही मायावती ने चुनाव अधिकारी से वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल करके अपना पक्ष रखा। बसपा और अकाली दल के नेता भी चुनाव अधिकारी के पास पहुंचे।