युद्ध ही नहीं, आपदाओं से जूझने और पार पाने में भी आगे रहती है भारतीय सेना

साल 2004 में दक्षिण भारत में आई सुनामी के वक्त भारतीय सेना ने आम लोगों की जिंदगी बचाने के लिए 8300 जवानों को मोर्चे पर उतार दिया। विपत्ति की उस घड़ी में करीब 28 हजार लोगों की जान बचाई गई। सेना के जवानों ने जरूरी सामान, जैसे-राशन, खाने का पैकेट, दवा, कपड़े, कंबल, केरोसिन तेल पीड़ितों तक पहुंचाए।

युद्ध ही नहीं, आपदाओं से जूझने और पार पाने में भी आगे रहती है भारतीय सेना

आज भारत पूरी तरह से आजाद है। यहां के नागरिक सुरक्षित हैं और यह देश विकास और सफलता के पैमाने पर नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। भारत आजादी की 75 सालगिरह मना रहा है। ऐसे में भारत की प्रगति की इस यात्रा में भारतीय सेना के योगदान को नकार नहीं सकते हैं। भारतीय सेना की बदौलत देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और देश के नागरिक आजादी का उपभोग कर रहे हैं।

ऐसे कई अवसर आए जब भारत की सेना ने देश का मस्तक पूरी दुनिया में ऊंचा किया। फोटोः राजीव भट्ट

भारत का इतिहास भारतीय सेना के पराक्रम, अदम्य साहस और बलिदानी गाथाओं से भरा है। ऐसे कई अवसर आए जहां भारत की सेना ने इतिहास रचा और देश का मस्तक पूरी दुनिया में ऊंचा किया। आइये जानते है इतिहास के सुनहरे पन्नों से भारतीय सेना की कुछ गाथाओं को।

नई दिल्ली में 73वें गणतंत्र दिवस परेड के पूर्वाभ्यास के दौरान राजपथ पर मार्च करते नौसेना और सीआरपीएफ बैंड की टुकड़ी। वीडियो : राजीव भट्ट