बड़े ख्वाब लेकर ऑस्ट्रेलिया आए, नागरिकता लेने में फंस गया अजब-गजब पेच

परिवार ने अगस्त 2019 में कनाडा में ही दूसरे बच्चे को जन्म दिया। और सिंह की पत्नी मातृत्व अवकाश पर जुलाई 2020 तक रही। इस दौरान सिंह की पत्नी के काम का अनुबंध जुलाई 2021 में खत्म हो गया।

बड़े ख्वाब लेकर ऑस्ट्रेलिया आए, नागरिकता लेने में फंस गया अजब-गजब पेच
Photo by Joey Csunyo / Unsplash

साल 2008 में आर सिंह बड़े सपने और अरमान लेकर छात्र वीजा पर भारत से ऑस्ट्रेलिया आए। उन्होंने वहां साल 2013 के जून महीने में ऑस्ट्रेलिया की नागरिक एक महिला से शादी की। इसके साथ ही उन्हें सितंबर में पार्टनर वीजा मिल गया। एक नवंबर 2019 को आर सिंह ने ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता के लिए आवेदन किया। लेकिन उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। अप्रवासी, नागरिकता मंत्रालय की तरफ से कारण बताया गया कि नागरिकता के लिए जरूरी नियमों को पूरा करने में सिंह असफल रहे। नागरिकता के लिए करीब एक साल तक ऑस्ट्रेलिया में रहना जरूरी है। लेकिन इस दौरान वे अपने परिवार के साथ कनाडा में थे। प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने उनके आवेदन को अस्वीकार कर दिया।

कानूनी दस्तावेजों के मुताबिक मंत्रालय का कहना है कि नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले शख्स को ऑस्ट्रेलिया में लगातार रहना होगा और ऑस्ट्रेलिया से अपने जुड़ाव को साबित करना होगा। सुनवाई के दौरान प्रशासनिक अपील ट्रिब्यूनल के सामने ये तथ्य सामने आए कि आर सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ कनाडा गए थे। इस दौरान कनाडा में सिंह की पत्नी ने वहां किसी ऑफिस में काम किया। उन्हें वहां वर्क परमिट के आधार पर नौकरी मिली। हालांकि इस दौरान सिंह की पत्नी ने ऑस्ट्रेलिया में भी नौकरी पाने की कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रहीं। इसके बाद कनाडा में ही रहने का फैसला किया।