न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स करेगी 500 करोड़ रुपये का निवेश, विदेशी बाजारों पर नजर

चेन्नई की न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स ने कारोबारी विस्तार के इरादे से भारत के अलावा विदेशी बाजारों में 500 करोड़ रुपयं के निवेश की तैयारी की है। कंपनी अब भारत के उत्तरी और पूर्वी राज्यों के साथ ही विदेश के बाजार नें अपने कदम मजबूत करना चाहती है।

न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स करेगी 500 करोड़ रुपये का निवेश, विदेशी बाजारों पर नजर

चेन्नई की न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स ने कारोबारी विस्तार के इरादे से भारत के अलावा विदेशी बाजारों में 500 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी की है। कंपनी अब भारत के उत्तरी और पूर्वी राज्यों के साथ ही विदेश के बाजार नें अपने कदम मजबूत करना चाहती है। न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक जीएसके वेलु ने बताया कि हम चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष की शुरुआत तक 400 से 500 करोड़ रुपये का निवेश करने का सोच रहे हैं। कारोबार के विस्तार के साथ ही हम तकनीक में भी निवेश कररना चाहते हैं।

विलय और अधिग्रहण की संभावनाएं

वेलु के अनुसार हमारी इस समय भारत के तमाम बाजारों में मौजूदगी है। दक्षिण और पश्चिम के पांच-छह राज्यों में हमारा वर्चस्व भी है। लेकिन अब हम उत्तर और पूर्वी भारत में अपने कदम बढ़ाना चाहते हैं। भारतीय मूल की न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स का शुमार शीर्ष चार पैथ लैब चेन में होता है। इसकी 150 से ज्यादा लैब हैं और भारत समेत अमेरिका, यूएई और दक्षिण अफ्रीका में 2000 कलैक्शन सेंटर हैं। भारत के दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में कंपनी का 80 प्रतिशत लैब नेटवर्क है। इससे कंपनी को 90 फीसदी राजस्व मिलता है। विस्तार योजनाओं को लेकर वेलु ने बताया कि भारत के उत्तर और पूर्वी राज्यों से हमारा राजस्व 5 फीसदी से भी कम है। इसे हम 10 फीसदी तक करना चाहते हैं। वेलु ने बताया कि हम विलय और अधिग्रहण की संभावनाओं पर भी काम कर रहे हैं और इस समय 10 से 15 मामलों को लेकर आकलन का काम चल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी

न्यूबर्ग ने बीते दिनों कई भारत के साथ ही विदेशों में कई अधिग्रहण किए हैं। इनमें बेंगलुरु स्थित आनंद डायग्नोस्टिक्स, अहमदाबाद स्थित सुपरटेक माइक्रोपैथ, पुणे स्थित एजी डायग्नोस्टिक्स, चेन्नई स्थित एर्लिच लैब आदि शामिल हैं। वेलु का कहना है कि विदेशी बाजारों के लिहाज से हम मध्य-पूर्व और अफ्रीका में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना चाहती है। अभी विदेशी बाजारों से हमारी 10 फीसदी आय होती है। हम इसे 20 फीसदी तक ले जाना चाहते हैं।