चांद पर जाने वाले भारतीय मूल के पहले अंतरिक्ष यात्री हो सकते हैं अनिल मेनन!

नासा की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि अंतरिक्ष एजेंसी ने 10 नए एस्ट्रोनॉट (अंतरिक्ष यात्री) उम्मीदवारों का चयन किया है। इसके लिए नासा के पास 12 हजार से अधिक आवेदन आए थे।

चांद पर जाने वाले भारतीय मूल के पहले अंतरिक्ष यात्री हो सकते हैं अनिल मेनन!

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने अपने भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए अपनी 2021 क्लास के लिए 10 अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया है। इसमें भारतीय मूल के फिजीशियन और अमेरिकी वायु सेना में लेफ्टिनेंट अनिल मेनन का नाम भी शामिल है। चुने गए विशेषज्ञों को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विभिन्न अभियानों के लिए भेजा जाएगा। इनमें स्पेस स्टेशन पर शोध और चंद्रमा पर जाने के साथ अन्य गहन अंतरिक्ष अभियान शामिल हो सकते हैं।

45 वर्षीय मेनन के माता-पिता भारतीय और यूक्रेनियन थे। उनका जन्म मिनेसोटा के मिनियापोलिस में हुआ था और वह वहीं पले-बढ़े थे। चुने गए सभी 10 लोगों का जनवरी से प्रशिक्षण शुरू होगा।

अनिल मेनन एक आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ भी हैं। उन्हें जंगल और एयरोस्पेस चिकित्सा में फेलोशिप प्रशिक्षण प्राप्त किया है और वायुसेना में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वह एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के पहले फ्लाइट सर्जन थे। उन्होंने इसकी पहली मानव उड़ान के लिए मेडिकल प्रोग्राम और अन्य तैयारियों में सहायता की थी और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की मदद के लिए एक चिकित्सा संगठन बनाया था।