मुंबई के 12 वर्षीय अयान को मिला '2021 इंटरनेशनल यंग इको-हीरो' अवॉर्ड'

अयान शांकता मुंबई की 'पवई झील' के पास रहते हैं, जो कभी मुंबई के लिए पीने के पानी का स्रोत हुआ करती थी, लेकिन कचरा और सीवेज के लिए डंपिंग ग्राउंड बन गई है। अयान की परियोजना पवई झील का संरक्षण और पुनर्वास के अलावा प्रदूषण के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

मुंबई के 12 वर्षीय अयान को मिला '2021 इंटरनेशनल यंग इको-हीरो' अवॉर्ड'

भारतीय शहर मुंबई के रहने वाले 12 वर्षीय अयान शांकता (Ayaan Shankta) समेत दुनिया भर के 25 युवा पर्यावरण एक्टिविस्ट को '2021 इंटरनेशनल यंग इको-हीरो' अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार पर्यावरण के प्रति जागरूक 8 से 16 साल तक की उम्र के युवाओं को दिया जाता है, जो कठिन पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। पुरस्कार एक्शन फॉर नेचर (AFN) ने दिया है जो सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया (अमेरिका) में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है।

'इंटरनेशनल यंग इको-हीरो' अवॉर्ड के विजेताओं का चयन स्वतंत्र जजों के एक पैनल द्वारा किया जाता है, जिसमें पर्यावरण विज्ञान, जीव विज्ञान और शिक्षा के विशेषज्ञ शामिल होते हैं। साल 2003 से एक्शन फॉर नेचर ने 30 से अधिक देशों और 25 अमेरिकी राज्यों के 300 से अधिक इको-हीरोज को मान्यता दी है।