मरीन फोर्स के इतिहास में पहली बार सिख को पगड़ी पहनने की मिली आजादी

सुखबीर ने चिंता जाहिर करते हुए यह भी कहा कि मरीन कॉर्प्स में दाढ़ी और पगड़ी पर सख्ती से मुसलमानों, सिखों और अन्य लोगों की सेना में सेवा करने की संभावना कम हो जाएगी। फिलहाल उन्हें आंशिक सीमाओं के साथ पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई।

मरीन फोर्स के इतिहास में पहली बार सिख को पगड़ी पहनने की मिली आजादी
Photo by Daniel Lloyd Blunk-Fernández / Unsplash

अमेरिका की मरीन फोर्स के 246 वर्ष के इतिहास में पहली बार किसी सिख अफसर को पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई है। 26 वर्ष के लेफ्टिनेंट सुखबीर तूर पहले ऐसे शख्स बन गए हैं। हालांकि वह सामान्य ड्यूटी पर रोजाना अपनी वर्दी के साथ पगड़ी पहन सकेंगे लेकिन उन्हें किसी औपचारिक समारोह में पगड़ी पहनने की अनु​मति नहीं होगी।

लेफ्टिनेंट सुखबीर तूर

लेफ्टिनेंट सुखबीर का पगड़ी को लेकर विवाद संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना में अनुशासन और एकरूपता की परंपरा और संवैधानिक स्वतंत्रता की रक्षा के बीच लंबे समय से चल रही खींचातानी का सबसे नया उदाहरण है। लेफ्टिनेंट तूर ने एक साक्षात्कार में कहा है कि उन्हें अपने देश और अपनी मान्यता के बीच किसी एक को समर्पित होने की आवश्यकता नहीं है। वह जो हैं, वह रहते हुए दोनों पक्षों के प्रति जिम्मेदारियां निभा सकते हैं।