किन कारणों से अपनी नागरिकता लगातार छोड़ रहें हैं भारतीय, अमीर भी

दूसरे देश के नागरिक बनने वाले भारतीयों को अपना भारतीय पासपोर्ट छोड़ना पड़ता है क्योंकि भारत दोहरी नागरिकता की पेशकश नहीं करता है। हालांकि भारतीय प्रवासी नागरिक कार्ड यानी ओसीआई के लिए आवेदन कर सकते हैं जो उन्हें भारत में रहने, काम करने या व्यापार करने में सक्षम बनाता है।

किन कारणों से अपनी नागरिकता लगातार छोड़ रहें हैं भारतीय, अमीर भी
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भारतीय विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में छह लाख से अधिक भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी है। इनमें 40 फीसदी अमेरिका में हैं। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ऐसे देश हैं जहां भारतीयों ने नागरिकता हासिल की है। इनमें  गोल्डन वीजा प्राप्त करने वाले भी शामिल हैं, जिन्होंने निवास या नागरिकता के बदले पुर्तगाल, माल्टा या साइप्रस जैसे देशों में निवेश किया हैं। लेकिन क्या वजह हैं जिन कारणों से इतनी बड़ी संख्या में भारतीय भारतीयता को त्यागकर दूसरे देशों में जाकर बस गए हैं।

Road dust under setting sun
साल 2019 में सबसे अधिक 1,44,017 भारतीयों ने नागरिकता छोड़ी। Photo by FORREST CAVALE / Unsplash

दूसरे देश के नागरिक बनने वाले भारतीयों को अपना भारतीय पासपोर्ट छोड़ना पड़ता है क्योंकि भारत दोहरी नागरिकता की पेशकश नहीं करता है। हालांकि भारतीय प्रवासी नागरिक कार्ड यानी ओसीआई के लिए आवेदन कर सकते हैं जो उन्हें भारत में रहने, काम करने या व्यापार करने में सक्षम बनाता है। साल 2017 से बाहर निकलने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। साल 2019 में सबसे अधिक 1,44,017 भारतीयों ने नागरिकता छोड़ी। महामारी के बाद लॉकडाउन के कारण 2020 में महज 85,248 लोगों ने ही नागरिकता छोड़कर दूसरे देशों की ओर कूच किया। हालांकि 2021 के नौ महीनों के उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि यह फिर से बढ़ रहा है।