पीएम नरेंद्र मोदी के भाई ने किया खुलासा, 'अब्बास भाई' तो ऑस्ट्रेलिया में हैं

पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह अपनी मां के 100वें वर्ष के उपलक्ष्य में लिखे अपने ब्लॉग में अब्बास का जिक्र किया था। अब्बास और मोदी के सबसे छोटे भाई पंकजभाई एक ही क्लास में थे। वाइब्स ऑफ इंडिया की सीईओ दीपाल त्रिवेदी ने एक फोटो ट्वीट करते हुए लिखा कि ये अब्बास भाई हैं, जिनका जिक्र पीएम ने किया।

पीएम नरेंद्र मोदी के भाई ने किया खुलासा, 'अब्बास भाई' तो ऑस्ट्रेलिया में हैं

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मां हीराबेन मोदी के जन्मोत्सव पर एक ब्लॉग लिखा था, जिसमें अब्बास नाम के एक शख्स का जिक्र था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकजभाई ने अब अब्बास के बारे में मीडिया को जानकारी दी है। ​अब्बास इन दिनों सिडनी में अपने बेटे के साथ बतौर एनआरआई रह रहे हैं।

पीएम मोदी के भाई पंकज भाई ने एक भारतीय मीडिया को बताया कि 64 वर्षीय अब्बास गुजरात सरकार में द्वितीय श्रेणी के अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे और अपने बेटे के साथ रहने के लिए वह पिछले हफ्ते सिडनी चले गए हैं। भारतीय मीडिया इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई मेहसाणा के केसिंपा गांव के अब्बास मियांजी भाई रामसादा मोमिन को परिवार के सदस्य के रूप में याद करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह अपनी मां के 100वें वर्ष के उपलक्ष्य में लिखे अपने ब्लॉग में अब्बास का जिक्र किया था। अब्बास और मोदी के सबसे छोटे भाई पंकजभाई एक ही क्लास में थे।

शनिवार को गुजरात के वाइब्स ऑफ इंडिया की सीईओ दीपाल त्रिवेदी ने एक फोटो ट्वीट करते हुए लिखा कि ये अब्बास भाई हैं, जिनका जिक्र पीएम ने आज अपने ब्लॉग में किया। अब्बास भाई गुजरात सरकार के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग से सेवानिवृत्त हो गए हैं और अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रहते हैं। इस ट्वीट को ऑस्ट्रेलिया के कई व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर किया गया जिससे कई लोग सिडनी में 'अब्बास भाई' की तलाश कर रहे थे। हालांकि अभी तक तलाशी का कोई नतीजा नहीं निकला है।

द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार पंकजभाई ने अब्बास को एक महान इंसान के रूप में वर्णित किया है। वह दिन में पांच बार नमाज अदा करते थे और वह हज भी कर चुके हैं। पंकज भाई ने बताया कि अब्बास के पिता और मेरे पिता दोस्त थे। उनके गांव में कोई हाई स्कूल नहीं था और वह अपनी प्राथमिक शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले थे। मेरे पिता ने अब्बास के पिता को अब्बास को हमारे साथ रहने और अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए मना लिया था। अब्बास ने हमारे साथ रहकर अपनी कक्षा 8-9 पूरी की थी।