टोक्यो ओलंपिक में शुरुआत तो अच्छी है, चानू ने वेटलिफ्टिंग में जीता रजत, रचा इतिहास

वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) में ये दूसरी बार है जब भारत ने ओलंपिक में मेडल जीता है। इससे पहले 2000 के सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ‌ने कांस्य पदक जीता था।

टोक्यो ओलंपिक में शुरुआत तो अच्छी है, चानू ने वेटलिफ्टिंग में जीता रजत, रचा इतिहास

टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत की भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) मीराबाई चानू ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने 49 किग्रा में रजत पदक हासिल किया है। वह भारत की तरफ से टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाली मीराबाई चानू। फोटोः https://olympics.com/ 

ओलंपिक में पदक जीतने पर उनकी इस उपलब्धि पर देश में जश्न का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीराबाई चानू को ओलंपिक में रजत पदक जीतने पर बधाई दी। अपने शुभकामना संदेश में पीएम मोदी ने कहा, इससे अच्छी शुरुआत नहीं हो सकती, भारत उनके शानदार प्रदर्शन से उत्साहित है, उनकी सफलता हर भारतीय को प्रेरित करती है।

वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) में ये दूसरी बार है जब भारत ने ओलंपिक में मेडल जीता है। इससे पहले 2000 के सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ‌ने कांस्य पदक जीता था। चानू ने क्लीन एवं जर्क में 115 किग्रा और स्नैच में 87 किग्रा से कुल 202 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया।मीराबाई ने 49 किग्रा वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण चीन की जीहोई होउ ने जीता।

वेटलिफ्टिंग में भारत की तरफ से यह अब तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले वर्ष 2000 में सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ने वेटलिफ्टिंग में देश को कांस्य पदक जिताया था। उस समय कर्णम ने कुल मिलाकर 240 किलोग्राम भार उठाया था। तब उन्होंने स्नैच में 110 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 130 किलोग्राम भारत उठाकर ओलंपिक में भारत की तरफ से कांस्य पदक जीतने वाली पहली महिला बनी थीं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविद और खेलमंत्री अनुराग ठाकुर ने मीराबाई को बधाई दी है।