कई वैश्विक संगठनों की मांग, CAA दंगों में शामिल आरोपियों को रिहा करो

जिन संगठनों ने सम​र्थन व्यक्त किया है, उनमें हिंदू फॉर ह्यूमन राइट्स यूएसए, इंटरनेशनल कांउसिल ऑफ इंडियन मुस्लिम, दलित सॉलिडेरिटी फोरम यूएसए, आदि शामिल हैं। इन्होंने सीएए का विरोध करने के लिए गिरफ्तार किए गए सभी 18 छात्रों और कार्यकर्ताओं को तुरंत और बिना शर्त रिहा करने का आग्रह किया है।

कई वैश्विक संगठनों की मांग, CAA दंगों में शामिल आरोपियों को रिहा करो

भारत के 73वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कई देशों के भारतीय प्रवासियों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 यानी CAA के विरोध में जेल में एक साल से बंद 18 आरोपियों के खिलाफ लगे सभी आरोपों को तत्काल और बिना शर्त वापस लेने की मांग की है। कई वैश्विक संगठनों ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (CAA) के विरोध में आवाज उठाने वाले वह सभी आरोपी छात्र और कार्यकर्ता हैं। संगठन ने उन्हें 'दिल्ली 18' नाम दिया है। संगठनों ने आरोप लगाया कि 18 छात्रों और कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म किया गया है। उनकी मांग है कि इन सभी 18 के खिलाफ यूएपीए सहित सभी आरोपों को तत्काल और बिना शर्त वापस लिया जाए।

जिस 18 आरोपियों की रिहाई की मांग वैश्विक संगठन कर रहे हैं उनमें शरजील इमाम, इशरत जहां, खालिद सैफी, ताहिर हुसैन, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान, मीरान हैदर, शादाब अहमद, गुलफिशा फातिमा, तसलीम अहमद, शिफा उर रहमान, अतहर खान, उमर खालिद, सफूरा जरगर, मोहम्मद फैजान खान, आसिफ इकबाल तन्हा, नताशा नरवाल और देवांगना कलिता है। इन 18 में से 13 मुसलमान हैं। यह एक साल से अधिक समय से जेल में हैं।