इंसान व प्रकृति के तालमेल का अद्भुत उदाहरण हैं 'लिविंग रूट ब्रिज', विश्व धरोहर का मिला दर्जा

मेघालय में पूर्वी खासी पहाड़ियों और पश्चिमी जयंतिया पहाड़ियों के 72 गांवों में लगभग 100 जीवित रूट ब्रिज हैं। मेघालय के ‘लिविंग रूट ब्रिज’ लोगों और प्रकृति के बीच सामाजिक-सांस्कृतिक, सामाजिक और वानस्पतिक संबंधों को बड़े स्तर पर प्रदर्शित करते हैं।

इंसान व प्रकृति के तालमेल का अद्भुत उदाहरण हैं 'लिविंग रूट ब्रिज', विश्व धरोहर का मिला दर्जा
Photo by Utkarsh B / Unsplash

भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय में लोगों के प्रयासों से बने अनोखे प्राकृतिक रूट ब्रिज (Root Bridge) को यूनेस्को विश्व धरोहरों (UNESCO World Heritage) में शामिल किया गया है।

इंसानों और प्रकृति के बीच सामाजिक,सांस्कृतिक और वानस्पतिक संबंधों को उजागर करते ये जीवित रूट ब्रिज मेघालय के 70 से अधिक गांवों में पाए जाते हैं। स्थानीय भाषा में इन्हें 'जिंगकिएंग जेरी' कहा जाता है।