प्रणव पटेल को मिली भारत की नागरिकता, लेकिन मसला बड़ा ही रोचक है!

प्रणव के माता-पिता मूल रूप से भारतीय थे लेकिन दिसंबर 1998 में उन्होंने भारत की नागरिकता त्याग दी थी और सिंगापुर की ग्रहण कर ली थी। उस समय प्रणव की आयु साढ़े सात माह थी। उसका जन्म एक मार्च 1999 को सिंगापुर में हुआ था और यहां जन्म होने के चलते उसे यहां की नागरिकता मिल गई थी।

प्रणव पटेल को मिली भारत की नागरिकता, लेकिन मसला बड़ा ही रोचक है!

भारत के मद्रास हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि भले ही माता-पिता अपनी भारतीय नागरिकता त्याग चुके हैं और कहीं और की नागरिकता ले चुके हैं, लेकिन इस दौरान गर्भ में मौजूद उनका बच्चा भारतीय नागरिकता के दावा करने का हकदार है।

न्यायाधीश अनीता सुमंथ ने भारतीय नागरिकता की मांग कर रहे प्रणव श्रीनिवासन की रिट याचिका को अनुमति देते हुए यह फैसला सुनाया। प्रणव की आयु अब 22 साल है। उन्होंने 30 अप्रैल 2019 को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मंत्रालय ने प्रणव की मांग खारिज कर दी थी।

प्रणव के माता-पिता मूल रूप से भारतीय थे लेकिन दिसंबर 1998 में उन्होंने भारत की नागरिकता त्याग दी थी और सिंगापुर की ग्रहण कर ली थी। उस समय प्रणव की आयु साढ़े सात माह थी। उसका जन्म एक मार्च 1999 को सिंगापुर में हुआ था और यहां जन्म होने के चलते उसे यहां की नागरिकता मिल गई थी।

पांच मई 2017 को प्रणव ने सिंगापुर में भारतीय कांसुलेट के सामने अपनी भारतीय नागरिकता को फिर से मान्यता देने के लिए आवेदन किया था। प्रणव ने दावा किया था कि नागरिकता अधिनियम के सेक्शन आठ के सब सेक्शन (1) के तहत वह भारतीय नागरिकता का अधिकारी है।

याचिका को अनुमति देते हुए न्यायाधीश ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के फैसले को रद्द कर दिया। न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता को भारत की नागरिकता फिर से पाने का अधिकार है और उसे भारत सरकार की ओर से चार सप्ताह के अंदर नागरिकता का एक दस्तावेज जारी किया जाएगा।