लॉकडाउन के कारण भारतीय महिलाओं को नहीं मिल पाया भरपेट व पोषक भोजन: स्टडी

कुछ महिलाओं ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने दाल की मात्रा आधी कर दी, तो कुछ महिलाओं ने जो दाल घर में बनाई भी, उस दाल को पतली कर दिया ताकि सभी को खाना मुहैया हो सके।

लॉकडाउन के कारण भारतीय महिलाओं को नहीं मिल पाया भरपेट व पोषक भोजन: स्टडी
Photo by Joshua Watson / Unsplash

कोरोना महामारी के आने पर भारत द्वारा लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से भारतीय महिलाओं में पोषण की कमी आई है। यह जानकारी टाटा-कॉर्नेल इंस्टीट्यूट फॉर एग्रीकल्चर एंड न्यूट्रिशन (टीसीआई) की हाल ही में एक स्टडी में निकलकर आई है।

इकोनोमिया पोलिटिका पत्रिका में प्रकाशित इस स्टडी से पता चलता है कि साल 2019 की तुलना में महिलाओं का आहार लॉकडाउन की अवधि के दौरान कम हुआ है। सबसे अधिक गिरावट मांस, अंडे, सब्जियां और फल जैसे खाद्य पदार्थों की खपत में देखने को मिली है, जिससे सबसे अधिक पोषण एक मानव शरीर को मिलता है।

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लॉकडाउन लगने से कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं में कई रुकावटे आईं, जिस वजह से खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव हुए। Photo by Karthikeyan K / Unsplash

टीसीआई की एक शोधकर्ता व अर्थशास्त्री सौम्या गुप्ता ने कहा, "महामारी से पहले भी महिलाओं के आहार में विविध खाद्य पदार्थों की कमी थी, लेकिन महामारी ने इस स्थिति को और बढ़ा दिया है।" इस स्टडी को सौम्य गुप्ता के साथ सहायक निदेशक मैथ्यू अब्राहम और सलाहकार पायल सेठ ने मिलकर तैयार किया है।