लखनऊ के ऐतिहासिक चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक दिन

अप्रैल 1867 में बनाए गए इस रेलवे स्टेशन से सबसे पहली ट्रेन कानपुर के लिए रवाना हुई थी, जबकि इस स्टेशन की बिल्डिंग 1923 तक बनकर तैयार हुई।

लखनऊ के ऐतिहासिक चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक दिन

दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क भारतीय रेलवे का है और ये है लखनऊ रेलवे स्टेशन। इस स्टेशन को चारबाग रेलवे स्टेशन के नाम से भी ज्यादा जाना जाता है। ब्रॉड गेज पटरी पर चलने वाली हमारी भारतीय रेलवे हजारों यात्रियों को लखनऊ रेलवे स्टेशन से रोजाना अपने गंतव्य तक पहुंचाने का काम करती है।

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर एयरकंडिशन बोगी में मरीज को चढ़ाने में मदद करते कुछ हेल्पर।

19वीं सदी में उत्तर भारत में दिल्ली के बाद लखनऊ रेलवे स्टेशन सबसे जरूरी रेलवे स्टेशन माना जाता था। अवध और रोहिलखंड रेलवे का यह हेडक्वार्टर हुआ करता था। अप्रैल 1867 में बनाए गए इस रेलवे स्टेशन से सबसे पहली ट्रेन कानपुर के लिए रवाना हुई थी, जबकि इस स्टेशन की बिल्डिंग 1923 तक बनकर तैयार हुई। रेलवे स्टेशन बनाने वाले प्रमुख इंजीनियर मुक्ता प्रसाद चौबे थे, जिन्होंने स्टेशन को डिजाइन किया था।

चारबाग रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने के लिए जाते हुए राजस्थान के प्रवासी मजदूर।

यह स्टेशन इतना खूबसूरत है कि इसे भारत के सबसे सुंदर रेलवे स्टेशन के तौर पर जाना जाता है। स्टेशन के एंट्री गेट पर बड़ा सा गार्डन इसकी खूबसूरती को चार चांद लगा देता है।

स्टेशन पर हेल्थकेयर वर्कर्स कोरोना को ध्यान में रखकर यात्रियों का रैपिड टेस्ट करते हुए।