NRI ओबेरॉय की बायोपिक बनाने में इतने नामी लोग इसलिए मेहनत कर रहे हैं

60 वर्षीय ओबेरॉय उत्तर भारत के पंजाब राज्य में पैदा हुए थे। 1975 में उन्होंने पंडोह बांध हिमाचल प्रदेश में एक इंजन मैकेनिक के रूप में अपना कैरियर शुरू किया था। वह 1993 में दुबई में स्थानांतरित हो गए और 1996 में एपेक्स इंटरनेशनल कंस्ट्रक्शन, 1998 में दुबई ग्रैंड होटल व अन्य कंपनियां शुरू कीं।

NRI ओबेरॉय की बायोपिक बनाने में इतने नामी लोग इसलिए मेहनत कर रहे हैं

दुबई में रहने वाले एनआरआई और अरबपति परोपकारी सुरिंदर पाल सिंह ओबेरॉय पर बॉलीवुड फिल्म निर्माता महेश भट्ट एक बायोपिक बनाने जा रहे हैं। महेश भट्ट ने यह घोषणा ओबेरॉय की धर्मार्थ पहलों से प्रभावित होने के बाद की है। दरअसल सुरिंदर पाल सिंह ओबोरॉय अपनी कमाई का 98 फीसदी दान करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पिछड़े एक अच्छा जीवन जीएं।

महेश भट्ट व्यवसायी ओबेरॉय के जीवन पर 2 घंटे 40 मिनट की बायोपिक का निर्देशन कर रहे हैं। इस फिल्म में  बॉलीवुड के नामी स्टार अजय देवगन ओबेरॉय की भूमिका निभाएंगे जबकि पैरामाउंट स्टूडियो इस फिल्म का प्रोड्यूस करेगा। ओबेरॉय पर पटकथा फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता रितेश शाह द्वारा लिखी जा रही है, जिन्होंने कहानी, पिंक, एयरलिफ्ट और रेड की पटकथा भी लिखी है।

शूटिंग अगले महीने शुरू होने वाली है। ओटीटी प्लेटफॉर्म और सिनेमाघरों में फिल्म के हिट होने से पहले नेटफ्लिक्स 7 सितंबर को 'पहचान' नामक एक 50 मिनट की डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग कर रहा है जिसमें बताया गया है कि कैसे ओबेरॉय ने अपनी युवावस्था में अपनी जेब में सिर्फ 350 रुपये लेकर घर छोड़ दिया था और वही युवा बाद में एक बड़ी पहचान के साथ उभरा।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि 60 वर्षीय एसपी सिंह ओबेरॉय उत्तर भारत के पंजाब राज्य में पैदा हुए थे। 1975 में उन्होंने पंडोह बांध हिमाचल प्रदेश में एक इंजन मैकेनिक के रूप में अपना कैरियर शुरू किया था। वह 1977 में मैकेनिक के रूप में दुबई आए, उसके चार साल बाद वह पंजाब में अपनी सामग्री आपूर्ति और निर्माण कंपनी शुरू करने के लिए लौटे, जिसका नाम प्रीतम सिंह एंड संस था। इस कंपनी के तहत उन्होंने व्यास से गोइंदवाल साहिब तक सड़कों, नहरों, पुलों, सीवेज, हॉटमिक्स प्लांट और रेलवे लाइन जैसी कई परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया।

वह 1993 में दुबई में स्थानांतरित हो गए और 1996 में एपेक्स इंटरनेशनल कंस्ट्रक्शन, 1998 में दुबई ग्रैंड होटल और 2004 में ओबेरॉय प्रॉपर्टीज एंड इंवेस्टमेंट्स एलएलसी में अपनी जनरल ट्रेडिंग कंपनी एपेक्स एमिरेट्स जनरल ट्रेडिंग एलएलसी शुरू की। बता दें कि उन्होंने पाकिस्तान में 58 भारतीयों को मौत की सजा और आजीवन कारावास से मुक्त कराने के लिए लगभग 1.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया था।

ओबेरॉय ने 800 से अधिक कैदियों के हवाई टिकट का भुगतान किया (जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली लेकिन धन की कमी के कारण अपने देश वापस नहीं जा सके) और उन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास की मदद से वापस भेज दिया गया। हाल ही में 17 भारतीय लड़कों की रिहाई के लिए उन्होंने 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया था, जो साल 2013 में वापस भारत के राज्य पंजाब पहुंचे थे।