वर्जीनिया के आठवें जिले से चुनाव लड़ रहीं वीरा सिंह, मिल रहा है भारी समर्थन

डेमोक्रेट उम्मीदवार विक्टोरिया वीरा सिंह ने कहा कि हमारा चुनावी अभियान अवरोधों को तोड़ रहा है और नए मतदाताओं को राजनीतिक प्रक्रिया में भागीदारी करने के लिए प्रेरित कर रहा है। उनकी उम्मीदवारी के समर्थन में 1628 स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर जमा किए गए हैं। जबकि आवश्यक संख्या 1000 ही होती है।

वर्जीनिया के आठवें जिले से चुनाव लड़ रहीं वीरा सिंह, मिल रहा है भारी समर्थन

पंजाबी सिख पिता और इक्वाडोर की मां की संतान विक्टोरिया वीरा सिंह वर्जीनिया के आठवें जिले से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव लड़ रही हैं। अर्लिंग्टन में जन्मीं और पली-बढ़ी विक्टोरिया इस चुनाव में खड़ी होने वाली पहली लैटिना, पहली एशियाई और दूसरी महिला हैं। वह इस पद के लिए दौड़ में शामिल होने वाली सबसे युवा प्रत्याशी भी हैं।

डेमोक्रेट उम्मीदवार विक्टोरिया ने कहा कि हमारा चुनावी अभियान अवरोधों को तोड़ रहा है और नए मतदाताओं को राजनीतिक प्रक्रिया में भागीदारी करने के लिए प्रेरित कर रहा है। हमें विभिन्न संगठनों का समर्थन भी मिला है। वर्जीनिया में शुरुआती मतदान छह मई से शुरू हो जाएगा।

वीरा सिंह को विक्टोरिया के समुदाय की ओर से भी भारी समर्थन मिलता दिख रहा है।

राज्य के आठवें जिले में रहने वाले लोगों में 48 फीसदी अल्पसंख्यक हैं। लैटिन और एशियाई-अमेरिकी के रूप में उनका अनुभव उन्हें यहां मजबूती देता है। विक्टोरिया के अभियान के अनुसार वह कांग्रेस के लिए उन चुनौतियों को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य के साथ चुनाव लड़ रही हैं जिनका सामना समुदाय को दैनिक रूप से करना पड़ता है।

इंटरनेशनल रिलेशंस में स्नातक और लैटिन अमेरिकी अध्ययन में परास्नातक की डिग्री रखने वाली विक्टोरिया वीरा सिंह को सरकारी, गैर-लाभकारी और निजी क्षेत्र में बहुमूल्य पेशेवर अनुभव है। उन्होंने कहा, 'मेरी मां इक्वाडोर में पली बढ़ी थीं और मेरे पिता का जन्म थाईलैंड में एक सिख शरणार्थी परिवार में हुआ था। दोनों बेहतर जीवन की उम्मीद के साथ अमेरिका आए थे।'

विक्टोरिया के समुदाय की ओर से भी भारी समर्थन मिलता दिख रहा है। उनकी उम्मीदवारी के समर्थन में उनकी कैंपेन ने 1628 स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर जमा किए हैं। जबकि आवश्यक संख्या 1000 ही होती है। वित्तीय सहयोग के मामले उन्होंने पॉलिटिकल एक्शन कमेटियों (PAC) से कोई राशि नहीं लेने का फैसला किया है और इसके स्थान पर 1000 से अधिक लोगों से पैसा जुटाया है।