लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति तोड़ी, पाक नाराज, भारत की आपत्ति

महाराज रणजीत सिंह ने अविभाजित पंजाब पर 40 सालों तक राज किया था।

लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति तोड़ी, पाक नाराज, भारत की आपत्ति

पाकिस्तान स्थित लाहौर में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान से जुड़े एक शख्स ने लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को ध्वस्त कर दिया है। सोशल मीडिया पर मूर्ति तोड़ने की वारदात वायरल हो गई है। इस घटना पर पाकिस्तान सरकार ने नाराजगी जताई है तो भारत ने कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी समाज में अल्पसंख्यकों के प्रतीकों के लिए कोई सम्मान नहीं है।

भारत ने कहा कि पाकिस्तानी समाज में अल्पसंख्यकों के प्रतीकों के लिए कोई सम्मान नहीं है।

महाराज रणजीत सिंह की 180वीं पुण्यतिथि के मौके पर 2019 में प्रतिमा को लगाया गया था। वह सिख साम्राज्य के पहले ऐसा महाराजा थे, जिन्होंने अविभाजित पंजाब पर 40 सालों तक राज किया था। उनकी जो प्रतिमा लगाई गई थी, उसमें वह हाथ में तलवार लिए घोड़े पर बैठे दिखाई देते हैं।

लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को तोड़े जाने पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर तेजी से हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और यह चिंता की बात है।

महाराजा रणजीत सिंह को शेर-ए-पंजाब कहा जाता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह घटना परेशान करने वाली है। उन्होंने कहा, 'इस तरह के हमले बताते हैं कि पाकिस्तान में किस तरह से अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति असहिष्णुता बढ़ रही है। पाकिस्तानी समाज में अल्पसंख्यकों के प्रतीकों के लिए कोई सम्मान नहीं है।'

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जिस तरह से अल्पसंख्यकों से जुड़ी हिंसाएं हो रही हैं और उनके पूजा स्थल, सांस्कृतिक विरासतों को तोड़ा जा रहा है। वह चिंता की बात है और ऐसी घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। बागची ने कहा कि आज से ठीक 12 दिन पहले ही एक भीड़ ने रहीम यार खान इलाके में एक हिंदू मंदिर पर हमला बोल दिया था।