कनाडा की संसद को जब आर्य ने कन्नड़ में किया संबोधित, बज उठी तालियां

कनाडा की संसद में अपनी मातृभाषा कन्नड़ में बात करते हुए भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने कहा कि यह पहली बार है जब भारत के बाहर दुनिया की किसी भी संसद में कन्नड़ भाषा बोली गई।

कनाडा की संसद को जब आर्य ने  कन्नड़ में किया संबोधित, बज उठी तालियां

भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने गुरुवार को एक ट्वीट किया और बताया कि वह भारतीय मूल के विश्व में पहले ऐसे सांसद हैं, जिन्होंने विश्व की किसी संसद में अपनी मातृभषा कन्नड़ में संबोधन दिया। चंद्र आर्य ने अपने ट्वीट में वीडियो भी डाली है जिसमें वह कन्नड़ बोलते हुए कनाडाई संसद में दिख रहे हैं।

कनाडा की संसद में अपनी मातृभाषा कन्नड़ में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहली बार है, जब भारत के बाहर दुनिया की किसी भी संसद में कन्नड़ भाषा बोली गई। कनाडा के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में ओंटारियो के नेपियन चुनावी जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले आर्य ने अपने संबोधन का एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा कि कन्नड़ लगभग पांच करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक सुंदर भाषा है।

उन्होंने आगे कहा कि मैंने कनाडा की संसद में अपनी मातृभाषा कन्नड़ में बात की। इस खूबसूरत भाषा का एक लंबा इतिहास है और इसे लगभग 5 करोड़ लोग बोलते हैं। मुझे खुशी है कि मुझे अपनी मातृभाषा कन्नड़ में बोलने का मौका मिला है। 5 करोड़ कन्नड़ लोगों के लिए यह गर्व की बात है कि तुमुकुरु जिले के सिरा तालुका से आने वाला एक व्यक्ति कनाडाई संसद के लिए चुने जाने के बाद कन्नड़ में बोल रहा है।

कन्नड़ में संबोधन के बाद आर्य के सहयोगियों ने तालियों के साथ उनका सम्मान किया। बता दें कि आर्य कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से लगभग 70 किलोमीटर दूर तुमकुर जिले के रहने वाले हैं। उन्हें 2019 के आम चुनाव में लिबरल पार्टी के उम्मीदवार के रूप में संसद के लिए चुना गया था। कर्नाटक के धारवाड़ से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद आर्य ने उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम किया। इसके बाद आर्य ने ओटावा कम्युनिटी इमिग्रेंट्स सर्विसेज ऑर्गनाइजेशन के वाइस प्रेसीडेंसी का कार्यभार संभाला है। वह अब इंडो-कनाडा ओटावा बिजनेस चैंबर के भी अध्यक्ष हैं।