कला और संस्कृति के लिए शायद ही समय निकाल पाते हैं भारतीय: सर्वे

रिपोर्ट 500 लोगों के एक सर्वेक्षण पर आधारित है, जिसमें स्कूल और कॉलेज के छात्र, सभी क्षेत्रों के पेशेवर, गृहिणी और वरिष्ठ नागरिक शामिल थे। सांस्कृतिक क्षेत्र में अपनी तरह की यह पहली पहल थी।

कला और संस्कृति के लिए शायद ही समय निकाल पाते हैं भारतीय: सर्वे

भारत के प्रमुख निजी संग्रहालयों में से एक म्यूज़ियम ऑफ आर्ट फोटोग्राफी (MAP) बेंगलुरु ने भारत के सांस्कृतिक क्षेत्र में दर्शकों के व्यवहार पर ReReeti Foundation द्वारा किए गए नए प्राथमिक शोध को जारी किया है। सर्वे में शामिल आधे से अधिक उत्तरदाताओं का यह मानना था कि कला और संस्कृति आवश्यक हैं लेकिन वे शायद ही कभी इसके लिए समय निकाल पाते हैं।

भारत की प्रमुख चित्रकार अमृता शेरगिल की एक प्रमुख पेंटिंग। 

वर्ष 2021 में 68 प्रतिशत लोग गतिविधियों और कार्यक्रमों के लिए बाहर जाने के बारे में आशावादी थे। 60.6 प्रतिशत ने कहा कि भारतीय संग्रहालय पर्याप्त प्रयोगात्मक नहीं हैं, और आकर्षक सामग्री बनाने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने की जरूरत है जो आसपास के समुदायों के लिए भी प्रासंगिक है।