अमेरिका में ग्रीन कार्ड पर 7 फीसदी की 'दीवार गिराने' का विधेयक पारित

ग्रीन कार्ड को आधिकारिक तौर पर स्थायी निवासी कार्ड के रूप में जाना जाता है। अमेरिका की तरफ से हर साल 1.40 लाख लोगों को रोजगार के लिए ग्रीन कार्ड जारी किया जाता है। अब नया कानून बनने के बाद इसकी संख्या दोगुनी जाएगी।

अमेरिका में ग्रीन कार्ड पर 7 फीसदी की 'दीवार गिराने' का विधेयक पारित

अमेरिकी कांग्रेस की एक प्रमुख समिति ने हरेक देश को ग्रीन कार्ड जारी करने संबंधी ऊपरी सीमा सात प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के लिए एक कानून पारित किया है। बुधवार रात इस पर घंटों की चर्चा हुई। पक्ष विपक्ष में तमाम तर्क पेश किए गए। इसके बाद हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी ने एचआर3648 या ‘इक्वेल एक्सेस टू ग्रीन कार्ड्स फॉर लीगल एम्प्लॉयमेंट’ (EAGLE) एक्ट को पारित कर दिया।

विधेयक अब चर्चा और मतदान के लिए सदन में जाएगा। कानूनी तौर पर राष्ट्रपति बाइडन के हस्ताक्षर के लिए व्हाइट हाउस भेजे जाने से पहले इसे अमेरिकी सीनेट द्वारा भी पारित करने की आवश्यकता है। अगर यह कानून बन गया तो भारत और चीन के प्रवासियों को बहुत लाभ होगा। इन दोनों देशों के सैकड़ों और हजारों पेशेवर वर्तमान में अपने ग्रीन कार्ड या स्थायी कानूनी निवास के लिए दशकों से इंतजार कर रहे हैं। वहीं, बिल का विरोध करने वाले रिपब्लिकन सांसदों ने कहा कि इस तरह के कदम से चीन से लोगों का आना बढ़ेगा।

ग्रीन कार्ड को आधिकारिक तौर पर स्थायी निवासी कार्ड के रूप में जाना जाता है।

ग्रीन कार्ड को आधिकारिक तौर पर स्थायी निवासी कार्ड के रूप में जाना जाता है। यह अप्रवासियों को जारी किया गया एक दस्तावेज है जो इस बात का प्रमाण है कि कार्ड धारक को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने का विशेषाधिकार दिया गया है। अमेरिका की तरफ से हर साल 1.40 लाख लोगों को रोजगार के लिए ग्रीन कार्ड जारी किया जाता है।

यह संख्या पूरी दुनिया से अमेरिका आने वालों के लिए है। मौजूदा समय में अमेरिका ने प्रति देश के हिसाब से 7 फीसदी की सीमा तय की हुई है। यानी किसी एक ही देश से एक साल में 7 फीसदी से अधिक लोगों को ग्रीन कार्ड नहीं दिया जाएगा। यानी एक साल में करीब 9,800 लोग ही भारत से ग्रीन कार्ड हासिल कर सकते हैं। अब नया कानून बनने के बाद इसकी संख्या दोगुनी जाएगी। स्थायी निवासी कार्ड के लिए दशकों से इंतजार कर रहे भारतीय आईटी पेशेवरों को इसका सबसे अधिक फायदा मिलेगा। भारतीय आईटी पेशेवर मुख्य रूप से एच -1 बी वर्क वीजा पर अमेरिका आते हैं।

इसके साथ ही यह विधेयक EB-2 और EB-3 रोजगार-आधारित वीजा श्रेणियों पर प्रति देश सीमा को समाप्त करने के लिए नौ साल की अवधि की रूपरेखा भी तैयार करता है। इसके तहत बिल के लागू होने के बाद पहले नौ वर्षों के लिए भारत और चीन को छोड़कर यह अन्य देशों के EB-2 और EB-3 के लिए 5.57 प्रतिशत वीजा आरक्षित रहेगा।