अंडमान-निकोबार में मिला यह नया शैवाल जलकन्या की छतरी जैसा लगता है

नई प्रजाति का नाम 'एसिटाबुलरिया जलकान्यके' रखा है। इसका नाम हंस क्रिश्चियन एंडरसन की कथा 'द लिटिल मरमेड' के काल्पनिक चरित्र के नाम पर रखा गया था।

अंडमान-निकोबार में मिला यह नया शैवाल जलकन्या की छतरी जैसा लगता है

'द इंडियन जर्नल ऑफ जियो-मरीन साइंसेज' ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में डॉ. फेलिक्स बास्ट द्वारा खोजे और नामित किए गए एक नए प्रकार के शैवाल 'एसिटाबुलरिया जलकान्यके' (Acetabularia Jalakanyakae) को मंजूरी दे दी। पंजाब के केंद्रीय विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. फेलिक्स बास्ट ने कहा, "नई खोजी गई प्रजातियां बहुत आश्चर्यजनक हैं। इसमें जटिल डिजाइन वाले कैप हैं, जैसे कि वह मर्मेड की छतरियां हों।"

उन्होंने प्रजाति का नाम 'एसिटाबुलरिया जलकान्यके' रखा है। संस्कृत में जलकान्यके का अर्थ है मत्स्यांगना। इसका नाम हंस क्रिश्चियन एंडरसन की कथा 'द लिटिल मरमेड' के काल्पनिक चरित्र के नाम पर रखा गया था। वर्ष 2019 में द्वीप की यात्रा के दौरान वह इस समुद्री हरे शैवाल से मिले। यह पुष्टि करने के लिए कि प्रजातियों की खोज पहली बार हुई है, इसमें दो साल लग गए।