काले धन की बजाय भारतीय स्टार्टअप का केंद्र बनना चाहता है स्विट्जरलैंड

स्विस सरकार ने फेडरल काउंसिल ने फेडरल डिपार्टमेंट आफ इकोनॉमिक अफेयर्स एजुकेशन एंड रिसर्च को देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की जांच करने के लिए कहा है।

काले धन की बजाय भारतीय स्टार्टअप का केंद्र बनना चाहता है स्विट्जरलैंड
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स्विट्जरलैंड अब चाहता है कि भारतीय स्टार्टअप के लिए वह एक पसंदीदा स्थान बन जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा भारतीय स्टार्टअप स्विटरजरलैंड आएं और अपना स्टार्टअप यहीं से चलाएं। इसके लिए स्विट्जरलैंड प्रशासन विश्व स्तर के उपायों में जुटा हुआ है ताकि कहीं कोई भी ऐसी कमी न रह जाए जो बाकी किसी किसी देश की तुलना में स्विट्जरलैंड में मौजूद न हो।

वैसे तो स्विट्जरलैंड को काला धन जमा करने वालों का केंद्र माना जाता है, लेकिन इसके अलावा स्विट्जरलैंड विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उच्च प्रौद्योगिकी के लिए भी मशहूर है। Photo by Ayaneshu Bhardwaj / Unsplash

वैसे तो स्विट्जरलैंड को काला धन जमा करने वालों का केंद्र माना जाता है, लेकिन इसके अलावा स्विट्जरलैंड विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उच्च प्रौद्योगिकी के लिए भी मशहूर है। ऐसे में स्विट्जरलैंड के विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार्टअप देश के भविष्य के आर्थिक विकास को बल देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और स्विट्जरलैंड इसके लिए अपनी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर सकता है।

स्विस सरकार के एक बयान के मुताबिक फेडरल काउंसिल ने फेडरल डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स एजुकेशन एंड रिसर्च को देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की जांच करने के लिए कहा है। हालांकि देश का यह इकोसिस्टम अच्छी स्थिति में है लेकिन फिर भी कई क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश है। इसके लिए एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है जिसे जून 2020 तक बनाना है।