भारत की महिला एथलीट ने ब्रिटेन में जाकर तोड़ा अपना रिकॉर्ड, पाया गोल्ड

भारत के शहर भुवनेश्वर में रिलायंस फाउंडेशन ओडिशा एथलेटिक्स हाई परफॉर्मेंस सेंटर में जेम्स हिलियर के तहत प्रशिक्षण लेने वाली ज्योति ने अनुराधा बिस्वाल के नाम दर्ज 13.38 का 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है।

भारत की महिला एथलीट ने ब्रिटेन में जाकर तोड़ा अपना रिकॉर्ड, पाया गोल्ड

ब्रिटेन में भारतीय एथलीट ज्योति याराजी ने ब्रिटेन की लॉफबोरो इंटरनेशनल एथलेटिक्स मीट (LIAM) में महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक जीतते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाया है। वहीं इस दौड़ में दूसरे स्थान पर ब्रिटेन की जेसिका हंटर (13.26) और एलिसिया बैरेट (13.35) तीसरे स्थान पर रहीं।

22 वर्षीय ज्योति ने इवेंट जीतते हुए दो सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ा है। ज्योति ने लिमासोल में साइप्रस इंटरनेशनल मीट में 10 मई को 13.23 सैकेंड में दौड़ को पूरा किया था जिसे अबकी बार ज्योति ने खुद अपने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए +0.3m/s की अनुमेय हवा की गति के तहत 13.11 सेकंड में इस दौड़ को पूरा किया।

भारत के शहर भुवनेश्वर में रिलायंस फाउंडेशन ओडिशा एथलेटिक्स हाई परफॉर्मेंस सेंटर में जेम्स हिलियर के तहत प्रशिक्षण लेने वाली ज्योति ने अनुराधा बिस्वाल के नाम दर्ज 13.38 का 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। बिस्वाल ने 2002 से यह रिकॉर्ड बनाया था। ज्योति ने पिछले महीने कोझीकोड में फेडरेशन कप के दौरान 13.09 में 100 मीटर बाधा दौड़ पूरी की लेकिन इसे राष्ट्रीय रिकॉर्ड में नहीं गिना गया क्योंकि हवा की गति +2.0 मीटर/ सेकंड की अनुमेय गति से +0.1 मीटर/सेकंड अधिक थी।

ओडिशा के खेल और युवा सेवा विभाग ने आरएफ एथलेटिक्स को बधाई दी और कहा कि ज्योति ने दो सप्ताह से भी कम समय में महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड दो बार तोड़ा है। इस बार ज्योति ने यूके में लॉफबोरो इंटरनेशनल मीट में प्रतियोगिता जीती है। उसने अपने पिछले रिकॉर्ड 13.23 से बेहतर करते हुए 13.11 सेकेंड का समय लिया।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि ज्योति के पिता सूर्यनारायण एक निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते हैं जबकि उनकी मां कुमारी घर संभालती हैं। ज्योति रिलायंस फाउंडेशन ओडिशा एथलेटिक्स के लिए खेलती हैं।