जम्मू-कश्मीर: भगाए गए प्रवासियों की संपत्ति वापस दिलाने पर काम शुरू हुआ

जम्मू-कश्मीर में दशकों पहले मची उथल-पुथल के दौरान लगभग 60 हजार परिवार घाटी से पलायन कर गए थे। असहाय प्रवासियों को अपनी चल-अचल दोनों प्रकार की संपत्ति भी छोड़नी पड़ी थी। सरकार की यह कवायद उन्हें अपनी संपत्ति पर वापस पहुंचाना है, ताकि वे पलायन के दंश को खत्म कर अपने असली 'घर' पहुंच सकें।

जम्मू-कश्मीर: भगाए गए प्रवासियों की संपत्ति वापस दिलाने पर काम शुरू हुआ
Photo by Kabir van Wegen / Unsplash

भारत के जम्मू एवं कश्मीर में प्रवासियों की संपत्ति संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए पोर्टल लॉन्च किया गया है। कश्मीर के प्रवासी अब अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए जम्मू-कश्मीर माइग्रेंट रिलीफ से संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं। सरकार ने कहा है कि पोर्टल पर दाखिल आवेदन का निस्तारण निश्चित समय सीमा में किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर प्रवासियों से संबंधित पोर्टल लांच किया। 

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर प्रवासियों की अचल संपत्तियों से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध निवारण के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया। पोर्टल पर दाखिल आवेदन का निस्तारण राजस्व प्राधिकारियों द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत एक निश्चित समयावधि में किया जाएगा और इस संबंध में आवेदक को सूचित किया जाएगा।