जलवायु संकट यूरोप में ग्रीष्मकालीन सूखे को दोगुना कर सकता है: रिसर्च

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सूखा दुनिया के हर हिस्से में फसलों और पशुओं के लिए सबसे गंभीर खतरा है। हर साल विश्व स्तर पर अनुमानित 5.5 करोड़ लोग इससे प्रभावित होते हैं।

जलवायु संकट यूरोप में ग्रीष्मकालीन सूखे को दोगुना कर सकता है: रिसर्च
Photo by YODA Adaman / Unsplash

एक नए अध्ययन से पता चला है कि यूरोप में जलवायु संकट भविष्य के लिए नए खतरे पैदा कर रहा है। अगले कुछ दशकों में यूरोप में गर्मियों में सूखा (Summer Droughts) की समस्या दोगुना हो सकती है। साल 2080 से 2099 तक आल्प्स, फ्रांस, भूमध्यसागरीय और इबेरियन प्रायद्वीप जैसे क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी के सूखे में 50% से अधिक की वृद्धि देखी जा सकती है। वर्तमान में चल रहे जलवायु संकट का पहले से ही व्यापक वैश्विक प्रभाव पड़ा है। यूरोप में सूखे के कारण पहले से ही काफी सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लागतें आई हैं, खासकर वर्ष 2003, 2010 और 2018 में।

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वर्तमान में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है।

जलवायु अनुमानों से पता चलता है कि 21वीं सदी के अंत तक मौसम में अत्यधिक बदलाव होने की संभावना है। 'फ्रंटियर्स इन वाटर' में प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चलता है कि यूरोप गंभीर से लेकर अत्यधिक सूखे के भविष्य की ओर बढ़ रहा है। लेखक मैग्डेलेना मिटरमीयर ने कहा, "ग्रीष्मकालीन सूखा यूरोप में एक अत्यधिक प्रासंगिक विषय है। हम एक उच्च उत्सर्जन कार्बन परिदृश्य (आरसीपी 8.5) के तहत सदी के अंत में वर्षा की कमी और गर्मी के सूखे की ओर एक स्पष्ट प्रवृत्ति देख सकते हैं।"