जानिए फैशन स्टार्टअप जिलिंगो की अंकिति बोस के बारे में, सीईओ पद से किया गया है निलंबित

अंकिति बोस का नाम साल 2019 में खूब चर्चा में रहा था जब जिलिंगो की कीमत 97 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई थी। अनुमान लगाए जा रहे थे कि यह कंपनी जल्द ही एक अरब डॉलर की कीमत हासिल कर लेगी और यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो जाएगी।

जानिए फैशन स्टार्टअप जिलिंगो की अंकिति बोस के बारे में, सीईओ पद से किया गया है निलंबित

सिंगापुर के फैशन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप जिलिंगो (Zilingo) के बोर्ड ने अपनी सीईओ और कंपनी की सह संस्थापक अंकिति बोस को निलंबित करने का फैसला लिया है। जिलिंगो के बोर्ड ने बुधवार को इसका एलान किया था। जानकारी के अनुसार अंकिति बोस को सस्पेंड करने का कदम कंपनी के खातों में कथित गड़बड़ी की जांच को लेकर उठाया गया है। वहीं अंकिति के कंपनी से बाहर होने के बाद जिलिंगो इंडिया के एमडी शैलेंद्र सिंह ने भी जिलिंगो को अलविदा कह दिया है।

अंकिति बोस का नाम साल 2019 में खूब चर्चा में रहा था जब जिलिंगो की कीमत 97 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई थी। 

अंकिति बोस का नाम साल 2019 में खूब चर्चा में रहा था जब जिलिंगो की कीमत 97 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई थी। अनुमान लगाए जा रहे थे कि यह कंपनी जल्द ही एक अरब डॉलर की कीमत हासिल कर लेगी और यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो जाएगी। लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से कंपनी के काम पर बहुत असर पड़ा। अब इसने फिर से नई फंडिंग जुटाने की कोशिश शुरू की थी लेकिन अकाउंटिंग में कुछ गड़बड़ी सामने आने की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।

साल 1992 में भारत में जन्मीं अंकिति बोस ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के कांदिवली में स्थित कैंब्रिज स्कूल से की थी। साल 2012 में उन्होंने मुंबई के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री पूरी की थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मैकेंजी एंड कंपनी के साथ की थी। इसके अलावा वह सिकोइया कैपिटल में इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट की जिम्मेदारी भी संभाली थी। उल्लेखनीय है कि सिकोइया कैपिटल इंडिया जिलिंगो में एक निवेशक भी है।

जिलिंगो की शुरुआत करने का विचार अंकिति को बैंकॉक में छुट्टियां मनाने के दौरान आया था। 

जिलिंगो की शुरुआत करने का विचार अंकिति को बैंकॉक में छुट्टियां मनाने के दौरान आया था। यहां उन्होंने फैशन को लेकर लोगों का प्यार देखा। इसके बाद उन्होंने बाजार का अध्ययन किया और पाया कि फैशन मार्केट में पकड़ बनाने की और विकास करने की संभावना काफी है। दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजार में फैशन उत्पादों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की कमी ने भी इस कंपनी को शुरू करने के उनके विचार को और मजबूत किया।

अंकिति ने दिसंबर 2014 में अपने पड़ोसी ध्रुव कपूर से इसे लेकर बातचीत की। ध्रुव कपूर उस समय गेमिंग स्टूडियो कीवी इंक में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। चार महीने बाद दोनों ने अपनी-अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और जिलिंगो शुरू करने के लिए 30 हजार डॉलर की जमा पूंजी लगाई। बता दें कि फिलहाल इस कंपनी का मुख्यालय सिंगापुर में है और इसकी टेक टीम भारत के कर्नाटक के बेंगलुरु में काम संभालती है। बेंगलुरु में कंपनी का कामकाज ध्रुव कपूर के जिम्मे है।

साल 2018 में अंकिति का नाम फोर्ब्स एशिया की '30 अंडर 30' लिस्ट में शामिल किया गया था। 2019 में उन्हें फॉर्च्यून की 30 अंडर 30 और ब्लूमबर्ग 50 में भी जगह मिली थी। इसी साल उन्हें बिजनेस वर्ल्डवाइड मैगजीन मोस्ट इनोवेटिव सीईओ ऑफ द ईयर-सिंगापुर के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। अंकिति ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है और निलंबित किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। फिलहाल उनका निलंबन पांच मई तक जारी रहेगा।