पड़ोसियों की प्राइवेसी भंग की, भारतीय रेस्तरां पर लगी बंदिश तो समर्थन में आए सांसद और हजारों लोग

इंडियन होम डिनर पार्टी करने की चाह रखने वालों के लिए एक प्रसिद्ध फूड जॉइंट है। प्रसिद्ध होटलों से कुछ ही दूरी पर बना यह भारतीय रेस्तरां देर रात खाना खाने वालों के लिए पसंदीदा अड्डा है। इंडियन होम डायनर पर रात 2 बजे तक दसियों लोगों का लाइन में खड़े होकर यहां खाना लेना आम बात है।

पड़ोसियों की प्राइवेसी भंग की, भारतीय रेस्तरां पर लगी बंदिश तो समर्थन में आए सांसद और हजारों लोग

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट पर मौजूद इंडियन होम डायनर (IHD) रेस्तरां इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल वूल्लाह नगर परिषद ने इंडियन होम डायनर (IHD) के संचालन के घंटों को आधी रात तक कम करने का फैसला किया है जबकि ऑस्ट्रेलिया के फेडरल सांसद दवे शर्मा सहित सिडनी के हजारों लोगों की मांग है कि यह रेस्तरां देर रात 3 बजे तक पहले की तरह खुला रहे।

इंडियन होम डिनर को देर रात तक खोलने के समर्थन में एक ऑनलाइन याचिका शुरू की गई है जिसमें अभी तक 50,000 से अधिक लोगों ने अपना समर्थन दिया है। 

इस मांग के लिए सांसद दवे शर्मा समेत सैंकड़ों की तादाद में लोग सिडनी में संघर्ष कर रहे हैं। इंडियन होम डायनर (IHD) की 14 बरस पहले संयुक्त रूप से शुरुआत करने वाले रॉबर्ट चौधरी का दावा है कि यह कार्रवाई उनके नाराज पड़ोसियों की शिकायत पर की गई है। चौधरी ने मीडिया को बताया कि वह लंबे समय से पड़ोसियों से इस तरह की कार्रवाई की धमकी सुन रहे थे, क्योंकि मेरे ग्राहक रात में उनकी दुकान के सामने बैठते या खड़े होते थे।

इंडियन होम डिनर पार्टी करने की चाह रखने वालों के लिए एक प्रसिद्ध फूड जॉइंट है। प्रसिद्ध होटलों से कुछ ही दूरी पर बना यह भारतीय रेस्तरां देर रात खाना खाने वालों के लिए पसंदीदा अड्डा है। इंडियन होम डायनर पर रात 2 बजे तक दसियों लोगों का लाइन में खड़े होकर यहां खाना लेना आम बात है। शुक्रवार और शनिवार की रात यहां 3 बजे तक मशहूर करी और गार्लिक स्टफ्ड नान मिलता है। चौधरी ने बताया कि उन्होंने नगर परिषद से अनुरोध किया है कि वह सुबह 3 बजे तक संयुक्त खोलने के उनके परमिट को रद्द न करें।

एक याचिकाकर्ता ने बताया कि यह एक रेस्तरां नहीं बल्कि एक कम्युनिटी बन चुका है।

चौधरी ने बताया कि परिषद ने उन्हें कहा है कि उनकी दुकान पड़ोसियों के प्राइवेसी में भंग डालने का काम करती है और अधिक समय तक खुला रहने देना जनहित में नहीं है। हालांकि ईस्टर सप्ताहांत के बाद जब उन्होंने आधी रात को डिनर देना बंद किया तो काफी लोगों ने उनके दरवाजे पर दस्तक देना शुरू कर दिया था।

इंडियन होम डिनर को देर रात तक खोलने के समर्थन में एक ऑनलाइन याचिका शुरू की गई है जिसमें अभी तक 50,000 से अधिक लोगों ने अपना समर्थन दिया है। दरअसल युवा ग्राहकों को परिषद के इस फैसले का पता चला तो उन्होंने इस मामले को अपने हाथों में लेने का फैसला कर लिया। एक याचिकाकर्ता ने बताया कि यह एक रेस्तरां नहीं बल्कि एक कम्युनिटी बन चुका है। हमने आईएचडी की सेवाओं को रात 3 बजे तक जारी रखने के लिए परिषद के फैसले के विरोध में और रेस्तरां के खोए हुए राजस्व की भरपाई के लिए गो फंड मी पर भी अभियान शुरू किया है।